Friday, March 20, 2026
Homeखेलकूदपाकिस्तान को भारत के खिलाफ मुकाबले का बहिष्कार करने पर ICC ने...

पाकिस्तान को भारत के खिलाफ मुकाबले का बहिष्कार करने पर ICC ने क्या चेतावनी दी है?

पाकिस्तान सरकार ने ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि उसने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने की अनुमति दे दी है, लेकिन भारत के खिलाफ तय मुकाबले में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी।

नई दिल्लीः पाकिस्तान ने एक अभूतपूर्व फैसले में आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में भाग लेने की पुष्टि तो कर दी है, लेकिन भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज मुकाबले का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। यह मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है। पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है।

पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि उसने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने की अनुमति दे दी है, लेकिन भारत के खिलाफ तय मुकाबले में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी। इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे वैश्विक खेल आयोजन के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।

बांग्लादेश विवाद के बाद बढ़ा टकराव

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब आईसीसी ने हाल ही में सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर भारत में खेलने से इनकार करने वाले बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। बांग्लादेश के अनुरोध के समर्थन में केवल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने वोट किया था, जबकि अन्य 14 सदस्य देशों ने इसे खारिज कर दिया था।

आईसीसी, बीसीसीआई और पीसीबी के बीच पहले यह सहमति बनी थी कि भारत-पाकिस्तान के सभी मुकाबले न्यूट्रल वेन्यू पर कराए जाएंगे। इसके बावजूद पाकिस्तान का यह फैसला सामने आया है, जिससे टूर्नामेंट की निष्पक्षता और निरंतरता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आईसीसी ने दी चेतावनी

आईसीसी ने अपने बयान में कहा कि वह राष्ट्रीय सरकारों की विदेश नीति से जुड़े अधिकारों का सम्मान करता है, लेकिन किसी टीम को चुनिंदा मुकाबलों से दूर रहने का निर्देश देना अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की बुनियादी संरचना से मेल नहीं खाता। आईसीसी ने साफ किया कि सभी योग्य टीमों से तय कार्यक्रम के अनुसार समान शर्तों पर खेलने की अपेक्षा की जाती है।

गवर्निंग बॉडी ने कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट निष्पक्षता, अखंडता और प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन पर आधारित होते हैं। चुनिंदा रूप से हिस्सा लेना न सिर्फ इन मूल्यों को कमजोर करता है, बल्कि टूर्नामेंट की विश्वसनीयता और वैश्विक दर्शकों के भरोसे को भी नुकसान पहुंचाता है, जिसमें पाकिस्तान के प्रशंसक भी शामिल हैं।

आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसे अभी तक इस मुद्दे पर पीसीबी से औपचारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन उसने पीसीबी से इस फैसले के दूरगामी और दीर्घकालिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार करने को कहा है। आईसीसी ने चेतावनी दी कि इस तरह का कदम वैश्विक क्रिकेट इकोसिस्टम को प्रभावित कर सकता है, जिसका पाकिस्तान खुद एक सक्रिय सदस्य और लाभार्थी है।

बहिष्कार का पाकिस्तान पर क्या होगा असर?

खेल शर्तों के मुताबिक, अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करता है तो उसे दो अंक गंवाने पड़ सकते हैं और उसका नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित होगा। नियमों के अनुसार, बहिष्कार की स्थिति में डिफॉल्ट करने वाली टीम की पूरी 20 ओवर की पारी मानी जाएगी और इन्हें औसत रन रेट की गणना में जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रुप स्टेज में उसकी स्थिति कमजोर हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार, अगर पाकिस्तान अपने रुख पर कायम रहता है तो इसका आर्थिक असर भी पड़ सकता है। आईसीसी से मिलने वाले वार्षिक राजस्व में से पीसीबी का हिस्सा, जो अनुमानित तौर पर करीब 3.45 करोड़ डॉलर है, रोका जा सकता है। भारत-पाकिस्तान मुकाबला वैश्विक क्रिकेट का सबसे आकर्षक और कमाई वाला मैच माना जाता है और 2012 के बाद से हर बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा गया है।

इस बीच, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, शीर्ष सूत्रों का कहना है कि भारतीय टीम आईसीसी प्रोटोकॉल के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। टीम तय कार्यक्रम के अनुसार श्रीलंका पहुंचेगी, अभ्यास सत्र और प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेगी और मैच के दिन स्टेडियम में मौजूद रहेगी। यदि पाकिस्तान टीम मैदान पर नहीं उतरती है, तो अंतिम फैसला मैच रेफरी द्वारा लिया जाएगा।

पाकिस्तान ग्रुप-ए में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका के साथ है। उसके सभी ग्रुप मुकाबले श्रीलंका में खेले जाने हैं और वह 7 फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। मौजूदा हालात ने न सिर्फ टूर्नामेंट, बल्कि आईसीसी और पाकिस्तान के रिश्तों के सामने भी एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments