दुबई: भारत अगले साल यानी 2026 में टी20 वर्ल्ड कप मेजबानी के लिए तैयार है। इस टूर्नामेंट के कुछ मैचों की मेजबानी श्रीलंका को भी करनी है। यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से 8 मार्च तक चलेगा। हालाँकि, इस आयोजन से पहले, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को एक बड़ा झटका लगा है। दरअसल, JioStar ने भारत में टूर्नामेंट के आधिकारिक प्रसारणकर्ता के रूप में अपनी भूमिका और मौजूदा अनुबंध की अन्य प्रतिबद्धताओं से हटने का इरादा जताया है।
इससे टूर्नामेंट के प्रसारण को लेकर चिंताए खड़ी हो गई हैं। अगर समय रहते चीजें नहीं सुलझी तो टूर्नामेंट के भारत में प्रसारण में समस्या खड़ी हो सकती है।
द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा नियंत्रित JioStar ने ICC को औपचारिक रूप से सूचित किया है कि वह अपने चार साल के भारत मीडिया-अधिकार समझौते के शेष दो वर्षों को पूरा नहीं कर सकता है।
माना जा रहा है कि जियोस्टार के अचानक अनुबंध से बाहर निकलने का कारण इस प्लेटफॉर्म को मैचों के प्रसारण से हो रहा भारी वित्तीय घाटा है। दिलचस्प बात यह है कि आईसीसी ने 2026-29 चक्र के लिए भारत के मीडिया अधिकारों की बिक्री के लिए एक नई प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत लगभग 2.4 अरब अमेरिकी डॉलर की मांग की गई है। हालाँकि, जियोस्टार के हटने से आईसीसी की योजनाएँ गड़बड़ा गई हैं।
सोनी, नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो से ICC ने किया संपर्क
जियोस्टार द्वारा अनुबंधित 2024-27 का सौदा 3 अरब अमेरिकी डॉलर (25,000 करोड़ रुपये) का था, क्योंकि इसमें हर साल कम से कम एक प्रमुख पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट शामिल था। जियोस्टार के बाहर होने के साथ, आईसीसी ने अन्य कई प्रमुख प्लेटफॉर्म से संपर्क साधा है।
सामने आई जानकारी के अनुसार सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (एसपीएनआई), नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो जैसे ब्रांडों से संपर्क किया गया है, लेकिन अभी तक किसी ने भी सौदे की ऊँची कीमत के कारण कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
रिपोर्ट बताती हैं कि बढ़ता वित्तीय तनाव और भारी नुकसान जियोस्टार के इस फैसले के पीछे मुख्य कारण हैं। ब्रॉडकास्टर के ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन खातों से पता चलता है कि खेल से जुड़े कंटेन्ट के सौदों पर अनुमानित घाटा सिर्फ एक वित्तीय वर्ष में 12,319 करोड़ रुपये से बढ़कर 25,760 करोड़ रुपये हो गया है।
घाटे की इस तेज वृद्धि के बाद जियोस्टार ने तत्काल सौदे से पीछे हटने का फैसला किया।
फिलहाल, अभी तक किसी भी ब्रॉडकास्टर को लेकर पुष्टि नहीं होने के कारण 2026 के टी20 विश्व कप के लिए आईसीसी की योजनाएँ अब गंभीर संकट में आ गई हैं।
क्रिकेट में जियोस्टार को नुकसान क्यों हो रहा?
इसकी एक बड़ी वजह ड्रीम11 जैसे गेमिंग एप्स पर बैन है। ये बड़े विज्ञापनदाता होते थे। इन पर बैन के बाद जाहिर है इनसे विज्ञापन नहीं आ रहे। जियोस्टार ने जब राइट्स खरीदे थे, तो उसे उम्मीद थी कि उसे बड़ी कमाई होगी और सब्सक्राइबर भी बढ़ेंगे। हालांकि, ये सबकुछ उम्मीद से कम हुआ।
जियोस्टार की असल परेशानी रियल मनी गेमिंग ऐप पर बैन के बाद ज्यादा बढ़ी हैं। बताया जाता है कि ये ऐप क्रिकेट में बड़े एडवर्टाइजर बन चुके थे और इनके हटने के बाद गैप को भरना मुश्किल हो रहा है।
भारत में खेल का मीडिया मार्केट मौजूदा दौर में मुख्य रूप से जियोस्टार और सोनी पर निर्भर है। ऐसे में आईसीसी के पास बेहद कम विकल्प मौजूद हैं। जहां तक नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो की बात करें तो इनके बाद खेल इवेंट की कवरेज बहुत सीमित है। नेटफ्लिक्स फिलहाल WWE जैसे खेलों को ही स्ट्रीम करता है।
बताते चलें कि ICC की ओर से टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल जारी किया जा चुका है। टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच ग्रुप स्टेज का मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में होना है। 29 दिनों तक चलने वाले टूर्नामेंट में फाइनल समेत 55 मैच खेले जाने हैं।

