Friday, March 20, 2026
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सोनम वांगचुक रिहा, सरकार ने NSA हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द किया

पिछले साल 26 सितंबर को सोनम वांगचुक को लद्दाख में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

जम्मू: गृह मंत्रालय ने शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द करने का फैसला किया। पिछले साल सितंबर में लेह में हुई हिंसा के बाद सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया था। केंद्र सरकार ने यह फैसला उस समय लिया है जब सुप्रीम कोर्ट में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि द्वारा याचिका दायर है। मामले पर 17 मार्च को अगली सुनवाई होनी थी। 58 साल के वांगचुक हिरासत में लिए जाने के बाद से राजस्थान में जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘विचार-विमर्श के बाद सरकार ने सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है और सरकार लद्दाख की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है।’

गृह मंत्रालय ने आगे कहा, ’24 सितंबर 2025 को लेह में उत्पन्न हुई गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लेह के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के प्रावधानों के तहत सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। उक्त अधिनियम के तहत उन्हें हिरासत में रखे जाने की अवधि का लगभग आधा समय बीत चुका है।’

‘सभी हितधारकों और स्थानीय नेताओं से बातचीत जारी’

गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘सरकार लद्दाख में विभिन्न हितधारकों और सामुदायिक नेताओं के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है ताकि क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं का समाधान किया जा सके। हालांकि, बंद और विरोध प्रदर्शनों का मौजूदा माहौल समाज के शांतिप्रिय स्वभाव के लिए हानिकारक साबित हुआ है और इसने छात्रों, नौकरी चाहने वालों, व्यवसायों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटकों सहित समुदाय के विभिन्न वर्गों व समग्र अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।’

मंत्रालय ने आगे कहा, ‘सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक और सार्थक संवाद स्थापित किया जा सके। सरकार को उम्मीद है कि उच्चाधिकार समिति और अन्य उपयुक्त मंचों सहित रचनात्मक सहयोग और संवाद के माध्यम से इस क्षेत्र से संबंधित मुद्दों का समाधान हो जाएगा।’

सोनम वांगचुक का मामला क्या है?

लद्दाख में 24 सितंबर 2025 को हुई हिंसा में चार लोगों की जान चली गई थी। यह हिंसा लेह में लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई। करीब 90 लोग हिंसा के दौरान घायल हुए थे। 26 सितंबर को सोनम वांगचुक को लद्दाख में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

केंद्र सरकार ने पहले इस गिरफ्तारी का बचाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वांगचुक 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा के ‘मुख्य सूत्रधार’ थे। सरकार ने कोर्ट में तर्क दिया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत सभी प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों का पालन किया गया था और वांगचुक को हिरासत में लेने के बाद स्थिति शांत हो गई थी।

सरकार ने कहा कि वह लद्दाख में विभिन्न हितधारकों और सामुदायिक नेताओं के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है ताकि क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं को दूर किया जा सके।

बताते चलें कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 केंद्र और राज्य सरकारों को किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के हिरासत में लेने का अधिकार देता है यदि अधिकारियों का मानना ​​है कि वह व्यक्ति ‘भारत की रक्षा, विदेशी शक्तियों के साथ भारत के संबंधों या भारत की सुरक्षा के लिए हानिकारक’ तरीके से कार्य करने की संभावना रखता है।

(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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