Saturday, November 29, 2025
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‘भारत में भी ऐसी ही…’,थरूर ने ट्रंप–ममदानी मुलाकात को लेकर क्या कहा है जिसकी हो रही चर्चा?

अमेरिकी व्हाइट हाउस में शुक्रवार को जब दो धुर-विरोधी नेता-राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क के चुने गए नए मेयर जोहरान ममदानी- मिलने जा रहे थे, तो पूरी दुनिया की निगाहों उनपर थी। माना जा रहा था कि दोनों की मुलाकातें तनावपूर्व हो सकती है या दोनों असहज नजर आ सकते हैं लेकिन मुलाकात के बाद की आई तस्वीरों से लोग सरप्राइज हुए।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क सिटी के मेयर-इलेक्ट जोहरान ममदानी के बीच हुई मुलाकात की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बातचीत एक स्वस्थ लोकतंत्र की भावना को दर्शाती है, जहां चुनाव के दौरान विरोध तीखा हो सकता है, लेकिन जनादेश साफ होने के बाद सहयोग करना लोकतांत्रिक संस्कृति का हिस्सा होना चाहिए।

थरूर ने एक्स पर लिखा, “लोकतंत्र इसी तरह काम करना चाहिए। चुनाव में अपनी बात पैशन के साथ रखो, जोरदार तरीके से बहस करो… लेकिन परिणाम आने के बाद एक-दूसरे के साथ देशहित में मिलकर काम करो।’’ थरूर ने यह भी कहा कि वे भारत में इस तरह की राजनीतिक शालीनता देखना चाहेंगे और इसकी पहल करने की कोशिश भी कर रहे हैं।

भाजपा ने कहा- राहुल गांधी इस संदेश को समझ पाएंगे

इधर, थरूर के इस पोस्ट पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पोस्ट को साझा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, एक बार फिर शशि थरूर ने कांग्रेस को याद दिलाया कि परिवार नहीं, भारत को पहले रखना चाहिए। लोकतांत्रिक तरीके से व्यवहार करें, और हार के बाद नाराज़ होने जैसा रवैया न दिखाएं।

भाजपा नेता ने कहा कि क्या राहुल गांधी इस संदेश को समझ पाएंगे? क्या शशि थरूर के खिलाफ एक और फतवा आने वाला है?

थरूर का यह बयान उस समय आया है जब कांग्रेस पार्टी और उनके नेता राहुल गांधी हाल के दिनों में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ काफी आक्रामक रुख अपनाए हुए है। कुछ दिन पहले ही रामनाथ गोयनका लेक्चर में थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को आर्थिक भविष्य की झलक और “कल्चरल कॉल टू एक्शन” बताया था, जिस पर पार्टी के कई नेताओं ने आपत्ति जताई थी। संदीप दीक्षित और सुप्रिया श्रीनेत जैसे नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर थरूर के बयान पर सवाल उठाए थे। ऐसे माहौल में ट्रंप-ममदानी मुलाकात की प्रशंसा करना कांग्रेस के भीतर सभी वर्गों को सहज नहीं लग सकता।

ट्रंप-ममदानी की कैसी रही मुलाकात, दोनों नेताओं ने क्या कहा?

जोहरान ममदानी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुलाकात के दौरान एक-दूसरे की तारीफ करते नजर आए। दोनों नेताओं ने न्यूयॉर्क शहर में महंगाई के संकट से निपटने को सबसे अहम मुद्दा बताया।

ट्रंप ने चुनाव से पहले लोगों से अपील की थी कि वे ममदानी को वोट न दें। चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने कई बार ममदानी को कम्युनिस्ट कहा था और चेतावनी दी थी कि अगर ममदानी जीत गए तो न्यूयॉर्क की संघीय सहायता रोक दी जाएगी। ट्रंप ने न्यूयॉर्क के पूर्व राज्यपाल एंड्रयू कुओमो का समर्थन किया था, लेकिन 4 नवंबर को ममदानी ने उन्हें नौ प्रतिशत अंकों से हराकर इतिहास रच दिया। वे देश के सबसे बड़े शहर के पहले डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट मेयर बने।

चुनाव जीतने के बाद अपने भाषण में खुद को डेमोक्रेटिक समाजवादी बताने वाले ममदानी ने ट्रंप को कभी निरंकुश तानाशाह कहा था। मुलाकात से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने भी कहा था कि व्हाइट हाउस में एक कम्युनिस्ट आ रहा है।

इन हालातों से यह उम्मीद की जा रही थी कि ओवल ऑफिस में तनाव भरा माहौल देखने को मिलेगा, लेकिन दोनों नेताओं ने सभी को सरप्राइज किया। मुलाकात मुस्कुराहटों के साथ शुरू हुई और दोनों ने बार-बार साझा हितों पर जोर दिया।

मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि ममदानी अच्छा काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मीटिंग बेहतरीन रही। जितना अच्छा वो काम करेंगे, उतना ही मुझे खुशी मिलेगी। हम न्यूयॉर्क को मजबूत और सुरक्षित बनाने में हर संभव मदद करेंगे। ममदानी ने भी इस बैठक को ‘उपयोगी’ बताया और कहा कि बातचीत में उन मुद्दों पर फोकस किया गया, जहां दोनों की सहमति है, ताकि न्यूयॉर्क की जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

ट्रंप ने संकेत दिया कि ममदानी कुछ ऐसे कदम उठा सकते हैं, जिनसे कंजर्वेटिव लोगों को आश्चर्य हो सकता है। उन्होंने कहा कि वे मेयर की मदद करना चाहते हैं क्योंकि उन्हें विश्वास है कि ममदानी कई सकारात्मक फैसले लेंगे। इमिग्रेशन पर पूछे गए सवाल में ट्रंप ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता हत्यारों, ड्रग डीलरों और बहुत बुरे लोगों पर होगी। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर ममदानी का रुख शायद उनसे भी ज्यादा कड़ा है।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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