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‘जो भी सजा मिलनी चाहिए दी जाए, मेरी भी 3 बेटियां’, आरजी कर मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी की माँ

कोलकाताः आरजी कर हॉस्पिटल में हुए रेप और उसके बाद हत्या के मामले में सियालदह कोर्ट ने आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया है। सजा का ऐलान सोमवार होगा।  कोर्ट के फैसले के बाद आरोपी संजय रॉय की माँ ने कहा कि मैं उनका (पीड़िता के माता-पिता) का दर्द समझ सकती हूं। मेरी भी 3 बेटियां हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जब संजय की माँ मालती को बताया गया कि उनका बेटा दोषी पाया गया है तो उन्होंने कहा, “मेरी 3 बेटियां हैं, मैं उनका (पीड़िता के माता-पिता) का दर्द समझ सकती हूं।… उसे जो भी सजा मिलनी चाहिए दी जाए। अगर न्यायालय कहेगी कि उसे फांसी पर लटका दो तो भी मैं इसे स्वीकार करूंगी। “

वहीं, संजय रॉय की बहन सबिता ने कहा, “मेरे भाई ने जो भी किया है वह अकल्पनीय और भयानक है। यह कहते हुए मेरा दिल बैठ जाता है लेकिन अगर उसने ऐसा किया है तो उसे सजा मिलनी ही चाहिए। पीड़िता मेरी तरह एक महिला और डॉक्टर थी।”

आरोपी रॉय पर चल रहे मुकदमे के दौरान उनकी माँ और बहन उससे मिलने तक नहीं गई। आरजी कर हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टर के रेप और हत्या के बाद कोलकाता पुलिस ने रॉय को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था।

रॉय पूर्व में एक बॉक्सर था और 2019 में नागरिक स्वयंसेवक (वॉलंटियर) बन गया। उसे कोलकाता सशस्त्र पुलिस बटालियन के बैरक से गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई द्वारा मामले को हाथ में लेने के बाद एजेंसी ने रॉय से पूछताछ की और फिर हिरासत में भेज दिया गया।

भाई की गिरफ्तारी के बाद से मैं घर से बाहर नहीं निकलीः आरोपी की बहन

आरोपी रॉय की बहन सबिता ने कहा कि “हालांकि मेरा मानना है कि वह अकेले ऐसा नहीं कर सकता था। वे कहते हैं कि वो नशे में था।” उन्होंने आगे कहा- “जिस दिन से मेरा भाई गिरफ्तार हुआ है। उस दिन से मैं घर से बाहर नहीं गई हूं। मेरे पड़ोस के लोग मेरे परिवार के बारे में भली-बुरी बातें करते हैं। हर शनिवार को मैं स्थानीय मंदिर जाती थी। वहां भी जाना बंद कर दिया है। “

उन्होंने कहा “जिस दिने से मेरा भाई गिरफ्तार हुआ है, मुझे ससुराल की तरफ से भी काफी कुछ सुनना पड़ा।” संजय की दो बड़ी और छोटी बहने हैं, जो शादीशुदा हैं। रॉय की एक और बहन की कई सालों पहले मृत्यु हो गई थी।

संजय की शादी के बाद उसकी पत्नी घरेलू हिंसा के आरोप लगाए और छोड़ दिया। बाद में, बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हो गई। संजय अपनी मां के साथ रहता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद बहनें आर्थिक मदद कर रही हैं।

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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