शनिवार, मार्च 21, 2026
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संभल में पूरी एसओजी टीम निलंबित, एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने क्यों की ये कार्रवाई?

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने एक कबाड़ी और उसके बेटे से धन उगाही करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम को निलंबित कर दिया है।

संभलः उत्तर प्रदेश के संभल जिले में खाकी को दागदार करने वाला मामला सामने आया है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने एक कबाड़ी और उसके बेटे से धन उगाही करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम को निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वालों में एसओजी प्रभारी (उपनिरीक्षक) समेत आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार कबाड़ी की शिकायत और जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर यह कदम उठाया गया। टीम में एक उपनिरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल और पांच सिपाही शामिल थे। निलंबन के बाद एसओजी का नया प्रभारी बोबिंद्र शर्मा को बनाया गया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना 2 फरवरी की रात की है। मुरादाबाद के बिलारी निवासी कबाड़ी जफरुद्दीन अपने बेटे आस मोहम्मद के साथ बाइक पर मोबाइल फोन की प्लेटों का कबाड़ लेकर संभल के लाडम सराय की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एसओजी टीम ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और चौधरी सराय पुलिस चौकी ले गई।

आरोप है कि पिता-पुत्र को छोड़ने के बदले टीम ने उनसे 30 हजार रुपये वसूले। इसके अलावा, टीम ने मोबाइल प्लेटों से भरा कट्टा (जिसमें कीमती धातु होती है) भी अपने पास रख लिया और उन्हें वहां से जाने दिया।

अगले दिन 3 फरवरी को जब कबाड़ी ने अपना सामान वापस मांगने के लिए एसओजी टीम से संपर्क किया, तो टीम ने कथित तौर पर सामान लौटाने के बदले 40 हजार रुपये की और मांग कर दी। गौरतलब बात यह है कि उस सामान की कुल कीमत ही लगभग 40 हजार रुपये थी। बार-बार की जा रही इस अवैध मांग से परेशान होकर पीड़ित कबाड़ी ने सीधे एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई से शिकायत कर दी। इसके बाद पीड़ितों ने एसपी से शिकायत की, जिस पर जांच कराई गई और कार्रवाई की गई।

एसपी ने मामले की प्राथमिक जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के मामले में एसपी ने पूरी टीम पर शिकंजा कसा है।

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों की सूची

मोहित चौधरी (उपनिरीक्षक/SOG प्रभारी)
कुलवंत (हेड कांस्टेबल)
अरशद (हेड कांस्टेबल)
अजनबी (कांस्टेबल)
आयुष (कांस्टेबल)
विवेक (कांस्टेबल)
बृजेश (कांस्टेबल)
हिरेश (कांस्टेबल)

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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