Friday, March 20, 2026
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राम मंदिर से 15 किमी के दायरे में नॉनवेज और शराब की डिलीवरी पर रोक, कांग्रेस ने क्या कहा?

प्रशासन ने नॉनवेज भोजन और शराब परोसने वाले होटल, होमस्टे, दुकानदारों और डिलीवरी कंपनियों को स्पष्ट चेतावनी जारी की है और सभी संबंधित पक्षों को प्रतिबंध के आदेश की जानकारी दे दी गई है।

अयोध्याः जिला प्रशासन ने राम जन्मभूमि मंदिर के आसपास नॉनवेज भोजन की आपूर्ति को लेकर सख्त कदम उठाया है। मंदिर से 15 किलोमीटर के दायरे में न केवल नॉनवेज भोजन, बल्कि उसकी ऑनलाइन डिलीवरी पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला शहर के आसपास नॉनवेज खाने की आपूर्ति को लेकर मिली शिकायतों के बाद लिया गया है।

अयोध्या के सहायक खाद्य आयुक्त मणिक चंद्र सिंह के अनुसार, प्रशासन को शिकायतें मिली थीं कि पहले से लागू प्रतिबंध के बावजूद पर्यटकों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए नॉनवेज भोजन की डिलीवरी की जा रही थी। उन्होंने बताया कि इसी को देखते हुए अब ऑनलाइन नॉनवेज डिलीवरी पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

होटल, होमस्टे और दुकानदारों को चेतावनी

प्रशासन ने नॉनवेज भोजन और शराब परोसने वाले होटल, होमस्टे, दुकानदारों और डिलीवरी कंपनियों को स्पष्ट चेतावनी जारी की है और सभी संबंधित पक्षों को प्रतिबंध के आदेश की जानकारी दे दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राम पथ पर अब भी दो दर्जन से ज्यादा लाइसेंसी शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं। जबकि नगर निगम ने पिछले साल मई में राम पथ के 14 किलोमीटर के दायरे में शराब और नॉनवेज की बिक्री व आपूर्ति पर प्रतिबंध का प्रस्ताव पारित किया था। इसको लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।

गौरतलब है कि राम जन्मभूमि मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूजा-अर्चना की थी। मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बनाए रखने को लेकर प्रशासन लगातार नियम सख्त करता नजर आ रहा है।

प्रशासन का कहना है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म और होटलों पर नजर रखी जा रही है, ताकि आदेश केवल कागजों तक सीमित न रहें।

कांग्रेस और साधु-संतों ने क्या कहा?

साधु-संतों के बाद अब विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और इसे धार्मिक व सांस्कृतिक गरिमा से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि धार्मिक स्थलों के आसपास ऐसी चीजों पर रोक लगाना गलत नहीं है, जिनसे लोगों की आस्था आहत होती हो। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी कहा कि जहां-जहां धार्मिक स्थल हैं, वहां नॉनवेज की बिक्री पर रोक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला धार्मिक भावनाओं के सम्मान की दिशा में उठाया गया कदम है।

उधर, अयोध्या के संत समाज ने प्रशासन के इस कदम को लंबे समय से चली आ रही मांग बताया है। महामंडलेश्वर विष्णु दास ने कहा कि भगवान राम की पवित्र नगरी में नॉनवेज भोजन की बिक्री और डिलीवरी श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाती थी। उनके अनुसार, इस रोक से दर्शन-पूजन के लिए आने वाले भक्तों को राहत मिलेगी।

देवेशाचार्य महाराज ने भी फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि अयोध्या एक आध्यात्मिक केंद्र है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे स्थान पर नॉनवेज भोजन परोसना संस्कृति और परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस निर्णय को सख्ती से लागू करेगा।

नासिक के महंत भक्ति चरणदास जी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि पंचकोसी और चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग समेत पूरे अयोध्या क्षेत्र में नॉनवेज पर प्रतिबंध से यह साफ है कि अयोध्या को एक वैश्विक आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

भाजपा सांसद की देशभर में बैन की मांग

इस बीच भाजपा सांसद योगेंद्र चंदौलिया ने अयोध्या के फैसले के बाद मांग उठाई कि देशभर में मंदिरों के आसपास मांस और शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर के पास मीट की दुकानें होना उचित नहीं है और यही नियम अन्य धार्मिक स्थलों पर भी लागू होना चाहिए।

यूपी सरकार में मंत्री दया शंकर सिंह ने कहा कि धार्मिक स्थलों के पास मांस और शराब की बिक्री पर रोक पहले से ही नियमों में शामिल है। अयोध्या भगवान श्रीराम की नगरी है, जहां देश-दुनिया से श्रद्धालु आते हैं, इसलिए मंदिर के आसपास इस तरह की व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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