Friday, March 20, 2026
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रेलवे ने जनरल रिजर्वेशन नियमों में किया बड़ा बदलाव, अब बिना ‘आधार’ नहीं मिलेगा एडवांस कन्फर्म टिकट

रेलवे बोर्ड के आदेश के मुताबिक, जिन यात्रियों ने आईआरसीटीसी पोर्टल पर आधार वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया है, वे रिजर्वेशन खुलने के पहले दिन ऑनलाइन टिकट बुक नहीं कर पाएंगे।

भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकटों के बाद अब जनरल रिजर्वेशन के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड के नए आदेश के अनुसार, एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन (यात्रा से 60 दिन पहले) आईआरसीटीसी पोर्टल से सामान्य टिकट वही यात्री बुक कर पाएंगे, जिनका अकाउंट आधार से सत्यापित होगा। यह नियम 12 जनवरी 2025 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। रेलवे का कहना है कि इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पहले दिन की बुकिंग केवल वास्तविक यात्रियों तक सीमित रहे।

करीब छह महीने पहले रेलवे ने तत्काल ई-टिकट बुकिंग के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य किया था। अब उसी व्यवस्था को सामान्य रिजर्वेशन टिकटों पर भी पहले दिन के लिए लागू किया जा रहा है। हालांकि, काउंटर से पेपर टिकट लेने वाले यात्रियों को राहत दी गई है। वे पहले की तरह रिजर्वेशन फॉर्म और किसी वैध पहचान पत्र के साथ टिकट बुक कर सकेंगे।

रेलवे बोर्ड के आदेश के मुताबिक, जिन यात्रियों ने आईआरसीटीसी पोर्टल पर आधार वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया है, वे रिजर्वेशन खुलने के पहले दिन ऑनलाइन टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। यह एडवांस बुकिंग यात्रा की तय तारीख से 60 दिन पहले शुरू होती है और इसकी विंडो सुबह 8 बजे खुलती है।

नियम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। 29 दिसंबर से केवल आधार-सत्यापित यूजर ही सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक टिकट बुक कर सकेंगे। 5 जनवरी से यह समय बढ़ाकर सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया जाएगा। इसके बाद 12 जनवरी से आधी रात तक की पूरी बुकिंग विंडो सिर्फ आधार-वैध यूजर्स के लिए होगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

अक्सर देखा जाता है कि चेन्नई-दिल्ली, चेन्नई-हावड़ा या नीलगिरी टॉय ट्रेन जैसे लोकप्रिय रूटों पर बुकिंग खुलते ही (सुबह 8 बजे) कुछ ही मिनटों में सारी टिकटें खत्म हो जाती हैं। जांच में सामने आया है कि एजेंट फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर थोक में टिकट बुक कर लेते हैं और बाद में उन्हें ऊंचे दामों पर बेचते हैं। नया सिस्टम यह सुनिश्चित करेगा कि टिकट केवल वही व्यक्ति बुक कर सके, जिसकी पहचान आधार से सत्यापित है।

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि नई व्यवस्था से यात्री पहचान के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और इसका सीधा फायदा आम यात्रियों को मिलेगा। नीलगिरि माउंटेन रेलवे की मेट्टुपलायम-उदगमंडलम टॉय ट्रेन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां टिकटों की साल भर भारी मांग रहती है और पीक सीजन में एजेंट इन्हें दो हजार से चार हजार रुपये तक में दोबारा बेचते हैं। आधार सत्यापन से इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

गौरतलब है कि 1 जुलाई से तत्काल ई-टिकट बुकिंग के लिए आधार वेरिफिकेशन पहले ही अनिवार्य किया जा चुका है। इसके साथ OTP आधारित सत्यापन भी लागू किया गया है, हालांकि फिलहाल यह सभी ट्रेनों के लिए नहीं है। देशभर की 340 ट्रेनों में से 35 ट्रेनें अभी इस व्यवस्था के दायरे में हैं, जिनमें दक्षिण रेलवे की पांच प्रमुख सेवाएं भी शामिल हैं।

नए टिकट बुकिंग नियम एक नजर में:

  • तत्काल के अलावा सामान्य रिजर्वेशन पर भी पहले दिन आधार सत्यापन अनिवार्य
  • 29 दिसंबर से सुबह 8 से 12 बजे तक केवल आधार-वैध यूजर बुकिंग कर सकेंगे
  • 5 जनवरी से सुबह 8 से शाम 4 बजे तक यही नियम लागू
  • 12 जनवरी से पूरे दिन सिर्फ आधार-वैध यूजर्स को ऑनलाइन बुकिंग की अनुमति
  • तत्काल टिकटों के लिए आधार वेरिफिकेशन 1 जुलाई से लागू
  • चुनिंदा ट्रेनों में OTP आधारित सत्यापन भी शुरू
अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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