नई दिल्लीः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार, 1 फरवरी को वायु प्रदूषण पर संसदीय बहस की मांग की है। गांधी ने इस मुद्दे से निपटने के लिए केंद्रीय बजट में ‘पर्याप्त धनराशि’ सुनिश्चित करने को कहा।
राहुल गांधी ने एक फेसबुक पोस्ट में नागरिकों के संदेश पढ़े और खुद बनाए गए एक वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने क्या मांग की?
गांधी ने इससे पहले 2025 में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भी इस मुद्दे पर बहस की मांग की थी। खुद बनाए गए एक वीडियो में राहुल गांधी ने कहा “अब समय आ गया है कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे और प्रधानमंत्री प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें… हमें मिलकर एक गंभीर योजना बनानी होगी… हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इस समस्या से निपटने के लिए बजट में पर्याप्त धनराशि हो।”
फेसबुक पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा कि “बीते कुछ दिनों में, मैंने हजारों भारतीयों के संदेश पढ़ें हैं जिसमें उन्होंने बताया कि प्रदूषण उनके जीवन पर क्या असर डाल रहा है? इनमें सबसे अहम बात थी डर – बच्चों के लिए, माता-पिता के लिए, आने वाले कल के लिए – जो भारत के शहरों में परिवारों द्वारा महसूस किया जा रहा है। प्रदूषण अब सिर्फ एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है; यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल है। संसद को इस पर चर्चा करनी चाहिए। सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। और इस बजट में वास्तविक समाधानों के लिए वास्तविक संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। भारतीय रिपोर्ट या खोखले वादे नहीं मांग रहे हैं। वे स्वच्छ हवा मांग रहे हैं।”
राजधानी दिल्ली में खराब है वायु गुणवत्ता
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब श्रेणी’ में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सुबह 8 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 318 दर्ज किया गया है।
राहुल गांधी का यह बयान संसद में चल रहे बजट सत्र के दौरान आया है। रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का बजट पेश किया। इस साल का बजट सत्र 65 दिनों का होगा जिसमें 30 बैठकें होनी हैं। बजट सत्र को दो भागों में बांटा गया है जिसका पहला भाग 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। वहीं, इसका दूसरा भाग 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। बजट के दूसरे सत्र में स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांग की जांच कर सकें।
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रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौंवी बार बजट पेश किया है। इसके साथ ही वह सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने वाले वित्त मंत्रियों की सूची में शामिल हो गई हैं। इस सूची में सबसे आगे मोरारजी देसाई का नाम है जिन्होंने लगातार 10 बार बजट पेश किया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज का बजट भाषण 81 मिनट में पेश किया। इस दौरान उन्होंने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने इस साल के बजट को युवा शक्ति संचालित बजट कहा है। इस बार के बजट में उन्होंने खेल-कूद, टेक्सटाइल समेत अन्य क्षेत्रों में बड़ी घोषणाएं की हैं।

