लाहौर: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में एक और विवाद सामने आया है। लाहौर कलंदर्स टीम पर रविवार को कराची किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान गेंद से छेड़छाड़ का आरोप लगा। फखर जमान पर बॉल टैम्परिंग का आरोप लगा है। इससे एक दिन पहले ही लागौर कलंदर्स के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी और ऑलराउंडर सिकंदर रजा के खिलाफ टीम के होटल में चार अनधिकृत लोगों को लाने का विवाद सामने आया था। पाकिस्तान की पंजाब पुलिस ने दोनों पर ‘सुरक्षा प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन’ करने का आरोप लगाया है।
बहरहाल, बॉल टैम्परिंग विवाद पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक बयान में कहा, ‘मैच रेफरी रोशन महानामा की अध्यक्षता में हुई अनुशासनात्मक सुनवाई के दौरान फखर ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। अगले 48 घंटों के भीतर एक और सुनवाई होगी, जिसके बाद मैच रेफरी अपना फैसला सुनाएंगे।’ दोषी पाए जाने पर, लेवल 3 के अपराध के लिए न्यूनतम सजा एक मैच का प्रतिबंध है।
मैच के आखिरी ओवर से पहले बॉल टैम्परिंग!
आरोपों के अनुसार गेंद के साथ छेड़छाड़ की कोशिश मैच के आखिरी ओवर में हुई। उस समय कराची किंग्स को जीत के लिए आखिली ओवर 14 रनों की दरकार थी। तेज गेंदबाज हारिस रऊफ आखिरी ओवर फेंकने वाले थे। इससे ठीक पहले लाहौर के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी, फखर जमान और रऊफ एक साथ बातचीत कर रहे थे। तीनों ने ही आपस में बातचीत के दौरान गेंद को अपने हाथों में लिया।
इसी समय अंपायर फैसल अफरीदी ने गेंद मंगवाई, उसका निरीक्षण किया और बांग्लादेश के दूसरे अंपायर शरफुद्दौला से लंबी चर्चा की। दोनों अंपायरों ने फैसला किया कि गेंद के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी और कराची को पांच पेनल्टी रन दिए गए। अब कराची को आखिरी छह गेंदों में नौ रन चाहिए थे। अंपायरों ने गेंद भी बदल दी। कराची के बल्लेबाज खुशदिल शाह आखिरी ओवर की पहली गेंद पर आउट हो गए, लेकिन रऊफ ने उसके बाद एक वाइड गेंद फेंकी। फिर अब्बास अफरीदी ने एक चौका और एक छक्का लगाकर कराची को 19.3 ओवर में चार विकेट से जीत दिला दी।
इस घटना के बाद मैदान पर अंपायरिंग और गेंद से छेड़छाड़ का पता लगाने में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर तीखी बहस भी छिड़ गई है। हालांकि पांच रन के जुर्माने ने मैच के पासे को काफी हद तक बदल दिया, लेकिन इस बात पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या किसी एक व्यक्ति के खिलाफ लेवल 3 का आरोप लगाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
लाहौर कलंदर्स के समर्थकों का तर्क है कि पूरी पारी के दौरान कई खिलाड़ियों और अधिकारियों ने गेंद को छुआ था। ऐसे में छेड़छाड़ के किसी खास लम्हे को पहचानना या पकड़ना मुश्किल हो जाता है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से अगली सुनवाई के दौरान हाई-डेफिनिशन ब्रॉडकास्ट फुटेज और मैच रेफरी की रिपोर्ट की विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
पीएसएल का ये विवाद भी चर्चा में
बॉल टैम्परिंग के अलावा पीएसएल एक और विवाद की वजह से चर्चा में है। पाकिस्तान की पंजाब पुलिस ने अफरीदी और सिकंदर रजा पर सुरक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार पुलिस ने पीएसएल के सीईओ सलमान नसीर को पत्र लिखकर सुरक्षा में हुई चूक की जानकारी दी है। अफरीदी और रजा पर ‘निर्देशों की अवहेलना’ करने और चार अनाधिकृत लोगों को ‘जबरदस्ती अंदर ले जाने’ का आरोप लगाया गया है। बताया जाता है कि यह घटना शनिवार रात को हुई और चारों लगभग तीन घंटे तक खिलाड़ियों में से एक के होटल के कमरे में रुके थे।
रिपोर्ट में पुलिस के एक पत्र का हवाला दिया गया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि लाहौर कलंदर्स ने रजा के चार परिचितों को उनके होटल के कमरे में प्रवेश करने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, पीएसएल ने सुरक्षा कारणों से इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।
रजा और शाहीन ने PSL के निर्देशों का पालन नहीं किया और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के रोके जाने के बावजूद चारों आगंतुकों को जबरदस्ती अंदर ले गए। इस घटना को सुरक्षा प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है। फ्रेंचाइजी ने कहा कि वे इस मामले को लेकर पीएसएल के साथ बातचीत कर रहे हैं। कलंदर्स के मीडिया प्रमुख उमर फारूक ने बताया, ‘हमें कलंदर्स के दो खिलाड़ियों से जुड़ी घटना की जानकारी है और हम इस मामले को लेकर पीएसएल के साथ बातचीत कर रहे हैं।’
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