वॉशिंगटनः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ने वॉशिंगटन डीसी में आपातकाल की घोषणा को मंजूरी दे दी है। यह फैसला सीवर लाइन टूटने के बाद पोटोमैक नदी में लगातार गंदा पानी बहने और हालात गंभीर बने रहने के कारण लिया गया है।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (फेमा) ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 19 जनवरी से जारी आपात स्थिति से निपटने के लिए कोलंबिया जिले को संघीय आपदा सहायता दी जाएगी। यह सहायता राहत कार्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से है।
फेमा ने कहा कि राष्ट्रपति की मंजूरी से एजेंसी को सभी राहत कार्यों का समन्वय करने की अनुमति मिल गई है। इसका लक्ष्य लोगों की परेशानी कम करना, जान-माल की सुरक्षा करना और स्वास्थ्य व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह सहायता कोलंबिया जिले के अलावा मैरीलैंड और वर्जीनिया के प्रभावित इलाकों तक भी पहुंचेगी।
राष्ट्रपति की मंजूरी के तहत फेमा प्रतिक्रिया अभियानों के लिए जनशक्ति, उपकरण और अन्य संसाधन जुटा सकेगा। एजेंसी के पब्लिक असिस्टेंस कार्यक्रम के तहत आपात बचाव उपायों पर होने वाले योग्य खर्च का 75 प्रतिशत संघीय सरकार वहन करेगी।
इस बीच, वॉशिंगटन डीसी की मेयर म्यूरियल बोसर ने शुक्रवार को फिर दोहराया कि पोटोमैक सीवेज रिसाव से पीने के पानी की गुणवत्ता प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने 18 फरवरी को इस घटना को स्थानीय सार्वजनिक आपातकाल घोषित किया था ताकि संघीय सहायता मिल सके। ट्रंप ने इसे अब मंजूरी दे दी है।
कब और कैसे शुरू हुआ मामला?

19 जनवरी को मैरीलैंड के मोंटगोमरी काउंटी में क्लारा बार्टन पार्कवे के पास पोटोमैक इंटरसेप्टर सीवर लाइन का एक हिस्सा धंस गया। यह पाइपलाइन रोजाना करीब 6 करोड़ गैलन गंदा पानी वर्जीनिया और मैरीलैंड से वॉशिंगटन स्थित ब्लू प्लेन्स एडवांस्ड वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाती है।
धंसने के बाद बड़ी मात्रा में बिना ट्रीट किया गया सीवेज नदी में बह गया। स्थानीय जल एजेंसी डीसी वॉटर के मुताबिक 6 फरवरी तक करीब 24.3 करोड़ गैलन गंदा पानी ओवरफ्लो हो चुका था। शुरुआती पांच दिनों में करीब 19.4 करोड़ गैलन और बाद के दिनों में लगभग 4.9 करोड़ गैलन निकला। चरम समय में रोजाना लगभग 4 करोड़ गैलन डिस्चार्ज हुआ, जो नदी के कुल बहाव का करीब 2 प्रतिशत था।
हालांकि पोटोमैक रिवरकीपर नेटवर्क का अनुमान है कि यह मात्रा 30 करोड़ गैलन तक हो सकती है। समूह की अध्यक्ष बेट्सी निकोलस ने कहा कि यह अनुमान ऐतिहासिक डेटा के आधार पर लगाया गया क्योंकि विस्तृत आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए।
6 फरवरी को डीसी वॉटर ने बताया कि पाइप के भीतर चट्टानों का अवरोध मिलने से शुरुआती मरम्मत प्रभावित हुई। अब बायपास पंपिंग की व्यवस्था बनाई जा रही है ताकि क्षतिग्रस्त हिस्से से चट्टानें सुरक्षित हटाई जा सकें। साथ ही अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में नए एक्सेस प्वाइंट और कनेक्शन बनाए जा रहे हैं। स्थायी मरम्मत में करीब नौ महीने लग सकते हैं।
क्या पीने के पानी पर असर पड़ा?
सरकारी एजेंसियों और स्वतंत्र शोधकर्ताओं ने रिसाव स्थल और नीचे की धारा में पानी की गुणवत्ता की निगरानी की है, खासकर ई. कोलाई बैक्टीरिया के स्तर पर।
डीसी वॉटर के अनुसार 5 फरवरी तक अधिकांश सैंपलिंग स्थलों पर ई. कोलाई का स्तर अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) के मानकों के भीतर था, हालांकि रिसाव स्थल के पास कुछ जगहों पर स्तर ज्यादा पाया गया।
दूसरी ओर, मैरीलैंड विश्वविद्यालय और पोटोमैक रिवरकीपर नेटवर्क की जांच में 21 जनवरी को रिसाव स्थल पर स्तर ईपीए मानक से 10,000 गुना और 28 जनवरी को 2,500 गुना अधिक दर्ज हुआ। रिसाव से करीब 10 मील नीचे भी स्तर तय सीमा से अधिक पाया गया।
एजेंसी के प्रवक्ता के अनुसार पीने के पानी की आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है और साप्ताहिक निरीक्षण जारी है। डीसी का पेयजल अलग प्रणाली से आता है। फिर भी लोगों को नदी के संपर्क से बचने की सलाह दी गई है, जिसमें मछली पकड़ना, ट्यूबिंग, कयाकिंग या पालतू जानवरों को पानी में जाने देना शामिल है।
ट्रंप ने स्थानीय अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस रिसाव के लिए मैरीलैंड और वर्जीनिया के स्थानीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया और इसे बड़ी पारिस्थितिकी आपदा बताया। उन्होंने संघीय एजेंसियों को समन्वय के निर्देश देने की बात कही।
वहीं मैरीलैंड के गवर्नर वेस मूर के प्रवक्ता अम्मार मूसा ने जवाब देते हुए कहा कि पोटोमैक इंटरसेप्टर की जिम्मेदारी लंबे समय से संघीय सरकार की रही है और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है।
ट्रंप ने मंगलवार को फिर कहा कि गवर्नर मूर, वर्जीनिया की गवर्नर एबिगेल स्पैनबर्गर और मेयर बोसर को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और संघीय सरकार इस समस्या को ठीक कर सकती है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट के साथ

