प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय जापान दौरे पर पहुंचे हैं। पीएम मोदी इस दौरान जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा के साथ शिखर वार्ता में हिस्सा लेंगे। पीएम 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ पीएम मोदी की यह पहली औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान दौरे को लेकर एक्स पर लिखा, ‘मैं टोक्यो पहुँच गया हूँ। भारत और जापान अपने विकासात्मक सहयोग को मजबूत कर रहे हैं, ऐसे में मैं इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री इशिबा और अन्य लोगों के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हूँ, जिससे मौजूदा साझेदारियों को और मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिलेगा।’
जापान में पीएम मोदी का जोरदार स्वागत
पीएम मोदी के जापान पहुंचने पर टोक्यो में भारतीय मूल के लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान लोग ‘मोदी-मोदी’, ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते नजर आए। इसके अलावा कई लोग पारंपरिक भारतीय परिधानों में भी नजर आए। नृत्य और संगीत के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी की यह 8वीं जापान यात्रा है। साथ ही पीएम इशिबा के साथ उनकी यह पहली वार्षिक समिट है। आखिर पीएम मोदी के इस दौरे का क्या मकसद है, एजेंडे में क्या कुछ है…आईए जानते हैं।
पीएम मोदी की जापान यात्रा…एजेंडे में क्या है?
- यह यात्रा जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के निमंत्रण पर हो रही है। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने जापानी समकक्ष के साथ कई विषयों पर बातचीत करेंगे। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में पहले से चल रही प्रगति की भी समीक्षा होगी। आपसी हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत होगी।
- दोनों पक्ष एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सहयोग की समीक्षा करेंगे।
- विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार पीएम मोदी की जापान यात्रा के दौरान क्वाड सहयोग पर भी चर्चा होगी। दोनों पक्ष रक्षा अभ्यास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर फोकस करते हुए रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने पर विचार करेंगे। साथ ही एक आर्थिक सुरक्षा पहल भी शुरू करेंगे।
- इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के टोक्यो से सेंडाई तक बुलेट ट्रेन से यात्रा करने की भी संभावना है, जहाँ उनके एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा करने की उम्मीद है।
- जापान को इस बात की भी उम्मीद होगी कि भारत और अमेरिका इस साल के आखिर में होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए अभी समय रहते अपने मतभेदों को सुलझा लेंगे।
- दोनों देशों के शीर्ष नेताओं का व्यापार और निवेश, डिजिटल प्रौद्योगिकी, जलवायु कार्रवाई और नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान होगा।
- शिखर सम्मेलन के अलावा पीएम मोदी जापानी उद्योगपतियों और राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करेंगे ताकि आर्थिक सहयोग को और गहरा किया जाए और उभरते क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित किया जाए।
प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार मई 2023 में जापान का दौरा किया था। इससे पहले वे और पीएम इशिबा ने जून 2025 में कनाडा के कनानास्किस में जी7 शिखर सम्मेलन और 2024 में वियतनाम के वियनतियाने में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे।
जापान के बाद चीन जाएंगे पीएम मोदी
जापान में अपना कार्यक्रम पूरा करने के बाद पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 25वें राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक में भाग लेने के लिए चीन रवाना होंगे। चीन में वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करने वाले हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत से अपनी रवानगी से पहले एक वक्तव्य में कहा, ‘मैं शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग, राष्ट्रपति पुतिन और अन्य नेताओं से मिलने के लिए भी उत्सुक हूँ।’ इसमें आगे कहा गया कि भारत साझा चुनौतियों से निपटने और क्षेत्रीय सहयोग का विस्तार करने के लिए एससीओ सदस्यों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।