नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि भारत संकट से चुनौती के लिए तमाम प्रयास कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का 60 प्रतिशत आयात करता है, और मौजूदा दौर में यह प्रयास जारी है कि परिवारों को होने वाली असुविधा कम की जा सके। ईरान के साथ इजराइल और अमेरिका के जंग (Iran War) में बदले हालात के बीच पीएम मोदी ने बताया कि घरेलू स्तर पर एलपीजी के उत्पादन को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। साथ ही देश जहां से भी संभव हो, जरूरी चीजों का आयात कर रहा है। पीएम मोदी ने साथ ही बताया कि देश में फर्टिलाइजर की कोई कमी नहीं है। पीएम मोदी ने लोकसभा में अपने भाषण में और क्या कुछ कहा, आइए 10 प्वाइंट में आपको बताते हैं।
Iran War: लोकसभा मे क्या बोले पीएम मोदी
- हालात चिंताजनक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिमी एशिया की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशील, सतर्क और हर सहायता के लिए तत्पर है। पीएम मोदी ने कहा, ‘पश्चिमी एशिया के हालात चिंताजनक हैं। पिछले दो-तीन हफ्तों में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस विषय पर सदन को जरूरी जानकारी दी है। अभी इस संकट को तीन सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इससे देशों की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है। इसलिए दुनिया संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है।’
- भारत के लिए चुनौती: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस जंग ने भारत के सामने भी अप्रत्याशित चुनौतियों खड़ी की हैं। ये चुनौतियों आर्थिक भी हैं, नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी भी हैं और मानवीय भी हैं। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक और व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।
- खाड़ी देशों में हर भारतीय की मदद: पीएम मोदी ने कहा कि लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और वहां काम करते हैं। वहां समुंद्र में जो कमर्शियल शिप चलते हैं, उनमें भारतीय क्रू मैंबर की संख्या भी बहुत अधिक है। ऐसे अलग-अलग कारणों के चलते भारत की चिंताएं स्वभाविक रूप से अधिक हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए। पीएम मोदी ने कहा कि जब से युद्ध शुरू हुआ है, हर भारतीय को जरूरी मदद दी जा रही है।
- भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन: पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने खुद पश्चिम एशिया के देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सभी देशों भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। दुर्भाग्य से कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हुई है और कुछ घायल हुए हैं। ऐसे मुश्किल हालात में प्रभावित परिवारों को आवश्यक मदद दी जा रही है। जो घायल हैं, उनका बेहतर इलाज सुनिश्चित कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रभावित देशों में हमारे जितने भारत के मिशन हैं, वे लगातार भारतीयों की मदद में जुटे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अन्य प्रभावित देशों में 24 घंटों कंट्रोल रूम और आपातकालीन हेल्पलाइन जारी की गई हैं। सभी भारतीयों को त्वरित जानकारी दी जा रही है।
- तीन लाख से अधिक लोग भारत लौटे: प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की स्थिति में भारतीयों की सुरक्षा सरकार की बड़ी प्राथमिकता रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3.72 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से एक हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। खाड़ी के देशों में भारतीय स्कूलों में हजारों विद्यार्थी पढ़ते हैं। सीबीएसई ने ऐसे सभी भारतीय स्कूलों में होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। छात्रों की पढ़ाई लगातार चलती रहे, इसके लिए सीबीएसई उचित कदम उठा रही है।
- आयात 41 देशों से कर रहे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत कई देशों से अपनी जरूरतों की चीजों को आयात कर रहा है। उन्होंने बताया कि पहले 27 देशों से उर्जा का आयात करता था। पिछले कुछ वर्षों के प्रयास के बाद भारत अब 41 देशों से एनर्जी का आयात कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बीच कुछ भारतीय जहाज पिछले कुछ दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को सुरक्षित पार कर भारत पहुंचने में कामयाब रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज उर्जा अर्थव्यवस्था की रीढ है। सरकार इसे जानती है। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि युद्ध का असर भारत पर कम से कम हो।
- सरकार के पिछले कुछ सालों के प्रयास काम आ रहे: पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा चुनौतियों से निपटने में पिछले 10-11 सालों में सरकार द्वारा किए गए प्रयास भी मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में मेट्रो रेल सेवाओं और रेल संचालन के बिजलीकरण से तेल पर निर्भरता कम हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे के विद्युतीकरण से ईंधन की बचत हो रही है। विद्युतीकरण न होता तो प्रतिवर्ष 180 करोड़ लीटर अतिरिक्त डीजल की आवश्यकता होती। ऐसे ही मेट्रो नेटवर्क 2014 में 250 किमी से भी कम था। अब ये बढ़कर 1100 किमी हो गया है। राज्यों को 15,000 इलेक्ट्रिक बसें दी गई हैं। वैकल्पिक ईंधन पर प्रयास से भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा।
- मंत्रालयों का नया ग्रुप बनाया: पीएम मोदी ने कहा कि हम हर क्षेत्र के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और जहां भी जरूरत है, आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है जो प्रतिदिन बैठक करता है और आयात-निर्यात से संबंधित समस्याओं पर चर्चा करता है।
- फर्टिलाइजर का प्रयाप्त भंडार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। पहले भी सरकार ने किसानों को कभी भी किसी तरह के नुकसान का सामना नहीं करने दिया। लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसान अब डीजल पर कम निर्भर हैं। लोकसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गर्मी का मौसम आने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ेगी। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी बिजली संयंत्रों में पर्याप्त कोयले का भंडार है और सभी बिजली आपूर्ति प्रणालियों की निगरानी की जा रही है।
- सुरक्षा एजेसिंया हाई अलर्ट पर: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब ऐसे संकट आते हैं तो कुछ तत्व इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियां इस समय हाई अलर्ट पर हैं। पीएम मोदी ने चेताया कि युद्ध का प्रभाव लंबे समय तक रहेगा। उन्होंने लोगों से “तैयार रहने” और “एकजुट रहने” का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘कोरोना के दौरान भी हमने इसी तरह के संकट का सामना किया था और हमें फिर से तैयार रहने की जरूरत है।’ प्रधानमंत्री मोदी ने साथ ही कहा कि भारत इस युद्ध को रोकना चाहता है और संवाद और कूटनीति ही एकमात्र समाधान हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक डिप्लोमेसी की बात है भारत की भूमिका स्पष्ट है। शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध मानवता के हित में नहीं है। भारत सभी पक्षों को शांतिपूर्ण तरीके से युद्ध समाप्त करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
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