Friday, March 20, 2026
Homeकारोबार'पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, इसलिए नहीं हो सकी...

‘पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, इसलिए नहीं हो सकी ट्रेड डील’, अमेरिकी मंत्री का बयान

अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘सब कुछ सेट हो गया था, लेकिन मैंने कहा कि मोदी को प्रेसिडेंट को कॉल करना होगा… वे ऐसा करने में असहज थे, इसलिए मोदी ने कॉल नहीं किया।’

नई दिल्ली: अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक (Howard Lutnick) ने दावा किया है कि अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील इसलिए नहीं हुई क्योंकि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। लुटनिक ने यह बात एक इंटरव्यू में कही। यह बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। लुटनिक ने कहा है कि उन्होंने ‘डील तय कर ली थी’, लेकिन वह फाइनल नहीं हो पाई क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को ‘कॉल नहीं किया।’

लुटनिक ने अमेरिकन वेंचर कैपिटलिस्ट चमाथ पालिहापिटिया के साथ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में बातचीत को याद करते हुए कहा, ‘सब कुछ सेट हो गया था, लेकिन मैंने कहा कि मोदी को प्रेसिडेंट को कॉल करना होगा… वे ऐसा करने में असहज थे, इसलिए मोदी ने कॉल नहीं किया।’

उन्होंने कहा, ‘साफ-साफ कहें तो, यह उनका (ट्रंप का) सौदा था। वही इसे पूरा करने वाले थे। उन्होंने ही यह किया। सब कुछ सेट था, आपको बात करनी थी, मोदी को प्रेसिडेंट को फोन करना था। वे ऐसा करने में असहज थे। इसलिए, मोदी ने फोन नहीं किया। वह शुक्रवार बीत गया, अगले हफ्ते हमने इंडोनेशिया, फिलीपींस, वियतनाम के साथ डील की, हमने बहुत सारी डील की घोषणा की।’

लुटनिक ने कहा कि भारत के साथ वाली डील तो इन सबसे भी पहले होने वाली थी। उन्होंने कहा, ‘भारत की (डील) उनसे (दूसरे देशों से) पहले होने वाली थी। मैंने उनके साथ ज्यादा रेट पर बातचीत की थी।’

ट्रंप के सहयोगी की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति के उस बयान के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि अगर भारत ‘रूसी तेल मुद्दे’ पर मदद नहीं करता है तो वह भारत पर मौजूदा टैरिफ बढ़ा देंगे। ट्रंप ने हाल ही में कहा था, ‘भारत मुझे खुश करना चाहता था। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं और उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था। और मुझे खुश करना जरूरी था। हम उन पर टैरिफ बहुत जल्दी बढ़ा सकते हैं।’

500% टैरिफ भी लगाने की तैयारी

एक दिन पहले ही यह बात भी सामने आई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए बिल को मंजूरी दी है, जो रूसी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स आयात करने वाले देशों पर भारी ड्यूटी लगाने की इजाजत देता है। सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2025 नाम से यह बिल उन देशों पर कम से कम 500% टैरिफ लगाने की धमकी देता है जो जानबूझकर रूस के साथ कच्चे तेल की खरीद में शामिल हैं। इस बिल को अमेरिकी संसद में अगले हफ्ते पेश किया जाना है।

गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीद जारी रखने को लेकर दंडात्मक 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इससे भारत पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है।

इसके बाद से दोनों देशों के बीच कई दौर की व्यापार वार्ता हुई है, जिसमें 10 दिसंबर से 12 दिसंबर तक हुई बैठक भी शामिल है, जब अमेरिकी अधिकारियों ने नई दिल्ली का दौरा किया था।

ट्रेड डील को लेकर अभी क्या है स्थिति?

पॉडकास्ट में लुटनिक ने बताया कि जिन शर्तों पर भारत और अमेरिका ट्रेड डील को फाइनल करने वाले थे, वे अब लागू नहीं हैं। लुटनिक ने कहा, ‘अमेरिका उस ट्रेड डील से पीछे हट गया है जिस पर हम पहले सहमत हुए थे। अब हम इसके बारे में नहीं सोच रहे हैं।’

लुटनिक ने भारत के तरीके की तुलना यूनाइटेड किंगडम से भी की। इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जैसे ही यूनाइटेड किंगडम की डेडलाइन पास आ रही थी, प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने खुद ट्रंप को फोन किया। डील उसी दिन पूरी हो गई और अगले दिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी औपचारिक घोषणा की गई।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के साथ ट्रेड डील पर देरी अंदरूनी राजनीतिक और संसदीय प्रक्रियाओं की जटिलता की वजह से हुई थी। लुटनिक ने हालांकि संकेत दिया कि दरवाजा अभी भी खुला है। उन्होंने कहा, ‘भारत इसे सुलझा लेगा।’

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments