भुवनेश्वरः ओडिशा पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा चलाए गए एक नक्सलविरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। इसमें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के शीर्ष नेता गणेश उइके समेत चार नक्सली मारे गए। गणेश उइके पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम था। इनमें 2 महिला नक्सली भी शामिल थीं।
सुरक्षा बलों द्वारा यह अभियान कंधमाल जिले के चाकपाड़ा में चलाया गया। 69 वर्षीय उइके सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था। इसके साथ ही ओडिशा अभियानों का प्रमुख भी था।
1.1 करोड़ के इनामी गणेश उइके समेत चार माओवादी ढेर
उइके ने पूर्वी और मध्य भारत में कई जानलेवा हमलों को अंजाम दिया था जिसके चलते उस पर भारी इनाम था। ऐसे में उसकी मौत से क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क के कमजोर होने की आशंका है।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, यह मुठभेड़ चाकापाड़ा पुलिस के अंतर्गत आने वाले कंधमाल-गंजम सीमा पर राम्भा वन क्षेत्र में हुई। इस अभियान में ओडिशा पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी), सीआरपीएफ की दो टुकड़ियों समेत बीएसएफ की भी एक टीम शामिल थी।
सुरक्षाबलों द्वारा यह अभियान गुरुवार, 25 दिसंबर को सुबह शुरू किया गया। इस बीच सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच कई बार गोलीबारी हुई। ओडिशा के नक्सल विरोधी अभियान के अतिरिक्त महानिदेशक संजीब पांडा ने इसकी जानकारी दी।
अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने चार माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि की। इनमें से दो महिलाएं भी थीं और सभी वर्दी में थे। इनमें से सिर्फ उइके की पहचान हो पाई है।
उइके तेलंगाना के नालगोंडा जिले में चेंदूर मंडल के पुलेमाला गांव का मूल निवासी थी। वह भारत के सबसे वांछित माओवादी नेताओं में से एक था। वह ओडिशा में संगठन का नेतृत्व करता था।
वामपंथी उग्रवाद (LWE) के उदय में उइके की महत्वपूर्ण भूमिका था। ओडिशा द्वारा 1.1 करोड़ रुपये के इनाम के अलावा उस पर छत्तीसगढ़ द्वारा 40 लाख रुपये का, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश द्वारा 25-25 लाख रुपये का इनाम था। कई सालों में उसने इस क्षेत्र में माओवादी अभियानों को अंजाम दिया। ऐसे में उसकी मौत के बाद यहां नक्सल आंदोलन कमजोर होगा।
सुरक्षाबलों को 24 घंटे में दूसरी बड़ी सफलता
उइके के पास से दो इंसास राइफल और एक 303 राइफल बरामद हुई है। वहीं मारे गए अन्य तीन माओवादियों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वे उइके की टीम का हिस्सा थे।
25 दिसंबर को ओडिशा में इस अभियान को अंजाम देने के बाद सुरक्षाबलों ने बीते 24 घंटों में छह माओवादियों को मार गिराया है।
इस घटना के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। शाह ने इसे नक्सल-मुक्त अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।
उन्होंने कहा, “ओडिशा के कंधमाल में चलाए गए एक बड़े अभियान में केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके समेत 6 नक्सलियों को मार गिराया गया है। अमित शाह ने आगे कहा कि हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर देंगे।
इससे पहले बुधवार, 24 दिसंबर को कंधमाल जिले में ही बेलघर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले गुम्मा जंगल में दो माओवादी मारे गए थे। इनकी पहचान बरी उर्फ राकेश और अमृत के रूप में हुई थी। राकेश जहां बंसधारा-घुमसर-नागाबाली (बीजीएन) क्षेत्र के अंतर्गत रायगड़ा क्षेत्र समिति का सदस्य था। वहीं, अमृत बीजापुर का रहने वाला था और सप्लाई दल का सदस्य था। इन दोनों पर 23.65 लाख रुपये का इनाम था।
गौरतलब है कि सरकार नक्सल मुक्त अभियान चला रही है जिसके तहत माओवादियों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी सीमा 31 मार्च 2026 तक रखी गई है।
नक्सल विरोधी अभियान के तहत बीते दिनों सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली थी जब हिडमा को मार गिराया था। हिडमा ने कई बड़े हमलों को अंजाम दिया था।

