Friday, March 20, 2026
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ओडिशा: कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भीषण आग, 10 मरीजों की मौत

राहत कार्य के दौरान अस्पताल के 11 कर्मचारी, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं, मरीजों को बाहर निकालने में अपनी जान जोखिम में डालकर जुटे रहे। इस दौरान धुएं और आग की लपटों के कारण उन्हें भी चोटें आईं। फिलहाल सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह आग अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में लगी, जिससे वहां भर्ती मरीजों और स्टाफ के बीच अफरा-तफरी मच गई।

सूत्रों के अनुसार आग तड़के करीब 2:30 से 3 बजे के बीच लगी। प्रारंभिक जांच में इसका कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के दौरान हुई मौतें

आग लगने के बाद अस्पताल प्रशासन, दमकलकर्मियों, पुलिस और कर्मचारियों ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। ट्रॉमा केयर आईसीयू की पहली मंजिल पर इलाज करा रहे 23 मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के मुताबिक, मरीजों को स्थानांतरित करने के दौरान सात गंभीर रूप से बीमार मरीजों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मरीजों ने दूसरे आईसीयू में ले जाने के बाद दम तोड़ दिया।

उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

पीड़ित परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा, न्यायिक जांच का आदेश

घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के साथ अस्पताल पहुंचे और स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनके इलाज की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। साथ ही घायलों और झुलसे हुए मरीजों के बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने इस हादसे की न्यायिक जांच कराने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने ओडिशा अग्निशमन और आपात सेवा के महानिदेशक को भी निर्देश दिया कि वे स्वयं अस्पताल जाकर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच करें और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें।

बचाव अभियान में घायल हुए अस्पताल कर्मचारी

राहत कार्य के दौरान अस्पताल के 11 कर्मचारी, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं, मरीजों को बाहर निकालने में अपनी जान जोखिम में डालकर जुटे रहे। इस दौरान धुएं और आग की लपटों के कारण उन्हें भी चोटें आईं। फिलहाल सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि उनकी सरकार बनने के बाद ही राज्य के सभी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और सुधार के निर्देश दिए गए थे।

उन्होंने कहा कि 2025-26 के बजट में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 320 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए भी इस उद्देश्य से 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

राष्ट्रपति और विपक्ष ने जताया दुख

घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

वहीं ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उनके कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, वह जल्द ही अस्पताल का दौरा कर सकते हैं।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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