Friday, March 20, 2026
Homeभारत'इंदिरा गांधी-मुजीबर रहमान के बीच गुप्त समझौता…', निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर...

‘इंदिरा गांधी-मुजीबर रहमान के बीच गुप्त समझौता…’, निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर लगाए क्या आरोप?

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि 19 मार्च 1972 को इंदिरा गांधी और शेख मुजीबुर रहमान के बीच एक गुप्त समझौता हुआ था, जिसमें कांग्रेस ने बांग्लादेशी घुसपैठियों और बांग्लादेश के नागरिकों को यहां आने की खुली छूट दे दी।

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया। दुबे ने साथ ही कांग्रेस पार्टी को देश की सभी राष्ट्रीय समस्याओं की जड़ बताया।

समाचार एजेंसी ANI से दुबे ने कहा, ‘किताबें पढ़ने और देश की राजनीति को देखने के बाद, मैं व्यक्तिगत रूप से आश्वस्त हूं कि आज देश में जो भी समस्याएं दिखाई दे रही हैं, जिन्हें विपक्ष हवा दे रहा है, उनकी जड़ में नेहरू-गांधी परिवार या कांग्रेस पार्टी है। इसी आधार पर मैंने ‘कांग्रेस का काला अध्याय’ नाम की एक सीरीज शुरू की है। यह 17 तारीख से शुरू हुई है।’

इंदिरा गांधी-मुजीबर रहमान के बीच गुप्त समझौता!

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने देश में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर बात करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और शेख मुजीबुर रहमान के बीच 1972 में हुए एक कथित गुप्त समझौते का भी जिक्र किया और दावा किया इससे बांग्लादेशी नागरिकों को देश में रहने की खुली छूट मिली और घुसपैठियों के लिए दरवाजे खोल दिए गए।

निशिकांत दुबे ने कहा, ‘इस समय सबसे बड़ी समस्या बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। इससे हम बिहार, झारखंड, बंगाल, असम, त्रिपुरा और यहां तक ​​कि मुंबई, दिल्ली और गुजरात के लोग भी परेशान हैं। लगभग 5-8 करोड़, शायद 10 करोड़ लोग बांग्लादेश से आए हैं…हमारी आदिवासी आबादी, जो 1951 की जनगणना के अनुसार 45% थी, आज संथाल परगना में 24% है, और मुस्लिम आबादी, जो 9% थी, अब 25-26% हो गई है।’

उन्होंने आगे कहा कहा, ’19 मार्च 1972 को इंदिरा गांधी और शेख मुजीबुर रहमान के बीच एक गुप्त समझौता हुआ था, जिसमें कांग्रेस ने बांग्लादेशी घुसपैठियों और बांग्लादेश के नागरिकों को यहां आने की खुली छूट दे दी, और कांग्रेस को लगा कि अगर मुसलमान यहां आएंगे, तो यह उनका वोट बैंक होगा…और जब मैंने यह पोस्ट किया, तो कई लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह गलत है… इसलिए आज मैंने एक और ट्वीट किया है।’

निशिकांत दुबे ने बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर कहा, ‘…जब राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) बनेगा, जब एसआईआर ठीक से किया जाएगा, और जब हमारी राज्यों में सरकारें होंगी, जो केंद्रबिंदु है घुसपैठियों को लाने का….असम में हमारी सरकार है। हिमंता बिस्वा शर्मा लगातार कैंपेन कर रहे हैं। हम त्रिपुरा में भी कैंपेन कर रहे हैं, और प्रद्युत बर्मन आंदोलन चला रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि आदिवासियों की आबादी घट रही है… मेघालय और मिजोरम में भी, हम बॉर्डर फेंस लगाकर सीमा को कुछ हद तक नियंत्रित करने में सक्षम हैं। असम की वजह से इसका असर पड़ा है। लेकिन जो हम नहीं देख पा रहे हैं, वह पश्चिम बंगाल है और ममता बनर्जी, जो बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ हमारे साथ थीं…उनका पूरा भाषण बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ था… लेकिन 2011 के बाद उनका रवैया पूरी तरह बदल गया है…जब पश्चिम बंगाल में हमारी सरकार बनेगी, तो इन सभी 8-10 करोड़ बांग्लादेशियों को बाहर निकाल दिया जाएगा और उनकी जड़ों को उखाड़ फेंका जाएगां।’

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के चलते देश की संप्रभुता से समझौता किया। उन्होंने कहा, ‘इसके पीछे कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति और 1972 में किया गया समझौता था… इससे बुरा, अकल्पनीय, अविश्वसनीय और देश के साथ विश्वासघात करने वाला कोई समझौता नहीं हो सकता। आज पूरा देश बांग्लादेशी घुसपैठियों का सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) और गृह मंत्री (अमित शाह) ने शपथ ली है कि वे हर हाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ेंगे।’

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments