नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने कन्फर्म ट्रेन टिकटों के लिए रिफंड और कैंसिलेशन के नियमों में बदलाव किया है। नए टिकट कैंसिलेशन नियमों के अनुसार यदि कोई यात्री निर्धारित प्रस्थान तिथि से 24 से 72 घंटे के भीतर कन्फर्म ट्रेन टिकट रद्द करता है, तो ट्रेन टिकट के किराए में 25% की कटौती की जाएगी। साथ ही यदि टिकट रद्द करने की प्रक्रिया अगर ट्रेन प्रस्ताथ के समय से 8 घंटे के भीतर की जाती है, तो टिकट पर कोई रिफंड जारी नहीं किया जाएगा।
रेलवे के अनुसार नियमों में बदलाव किया गया है ताकि दलालों द्वारा टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। नए नियम में यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सहूलियत भी दी गई है। ये नए नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे।
Train Ticket Cancellation Rule- नए नियम में क्या है?
- यदि आपकी टिकट कन्फर्म है और आप प्रस्थान से 72 घंटे से अधिक पहले टिकट रद्द करते हैं, तो आपको अधिकतम रिफंड मिलेगा, लेकिन प्रति यात्री केवल न्यूनतम कैंसलेशन शुल्क लागू होगा।
- यदि आप ट्रेन के प्रस्थान से 72 घंटे से 24 घंटे पहले कन्फर्म टिकट रद्द करते हैं, तो किराए का 25% काटा जाएगा। (न्यूनतम चार्ज के साथ)
- प्रस्थान से 24 घंटे से 8 घंटे पहले तक यदि ट्रेन टिकट रद्द की जाती है, तो किराए का 50% काटा जाएगा।
- यदि आप ट्रेन के प्रस्थान से 8 घंटे से कम समय पहले अपनी कन्फर्म ट्रेन टिकट रद्द करते हैं, तो कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।
क्यों बदले गए नियम, सरकार ने क्या बताया?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार कि कुछ दलाल पहले ज्यादा टिकट बुक कर लेते थे। बाद में जो टिकट नहीं बिकते थे, उन्हें ये दलाल ट्रेन के समय से पहले कैंसिल कर देते थे। नए नियम इस तरह की गतिविधियों को रोकने में मदद करेंगे।
इसके अलावा, रेलवे ने यात्रियों को यह सुविधा भी दी है कि वे ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। इससे खासकर बड़े शहरों में रहने वाले यात्रियों को फायदा होगा, जहां एक से ज्यादा रेलवे स्टेशन होते हैं। फिलहाल, बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा चार्ट बनने से पहले तक ही मिलती है, लेकिन नए नियम के बाद यात्रियों को ज्यादा सुविधा मिलेगी।
पिछले साल भी रेलवे ने बदले कुछ नियम
इससे पहले पिछले साल भारतीय रेलवे ने अपनी ट्रेन टिकट बुकिंग प्रणाली में भी कई बदलाव किए थे। मसलन, 1 अक्टूबर- 2025 से भारतीय रेलवे ने एक नियम लागू किया है जिसके तहत IRCTC वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए आधार कार्ड का प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि रिजर्वेशन का लाभ वास्तविक यूजर को ही मिले और दलालों द्वारा इसके दुरुपयोग पर अंकुश लगाया जा सके। 1 जुलाई, 2025 से तत्काल बुकिंग के लिए भी आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया जा चुका है।
यह भी पढ़ें- धर्म बदलने के साथ ही खत्म हो जाएगा अनुसूचित जाति का दर्जा, बोला सुप्रीम कोर्ट- महज जाति प्रमाण पत्र होना काफी नहीं

