Friday, March 20, 2026
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कनाडाः ‘मोस्ट वांटेड’ खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला गिरफ्तार, क्या है आपराधिक इतिहास?

ओटावा: कनाडा में खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डल्ला की गिरफ्तारी की खबरें हैं। अर्श डल्ला, जिसे भारत में ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में रखा गया है, मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर का करीबी सहयोगी और उत्तराधिकारी है। निज्जर की हत्या के बाद उसने खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) की बागडोर संभाली थी।

28 अक्टूबर को कनाडा के मिल्टन में गोलीबारी की घटना हुई थी। जिसके बाद स्थानीय पुलिस (HRPS) ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक के अर्श डल्ला होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि उसे मामूली गोली का घाव भी लगा था। हालांकि डल्ला की गिरफ्तारी की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि कनाडा या भारत द्वारा नहीं की गई है। भारतीय अधिकारी अभी भी इन रिपोर्टों की सत्यता की जांच कर रहे हैं।

अर्श डल्ला का आपराधिक इतिहास

पंजाब के लुधियाना में जन्मे अर्श डल्ला का असल नाम अर्शदीप सिंह गिल है। डल्ला पहली बार 2020 और 2021 में डेरे सच्चा सौदा के अनुयायियों की हत्या के मामले में भारतीय एजेंसियों के रडार पर आया। 2020 में उसने भारत छोड़कर कनाडा में शरण ली और वहां पर उसने खालिस्तान टाइगर फोर्स के साथ काम करना शुरू कर दिया।

पिछले साल सितंबर में पंजाब के मोगा में कांग्रेस नेता बलजिंदर सिंह बल्ली की हत्या हुई, जिसमें अर्शदीप डल्ला के दो साथियों का नाम सामने आया था। घटना के कुछ ही घंटों बाद डल्ला ने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि बल्ली ने उसकी मां को एक सप्ताह तक पुलिस हिरासत में रखा था और उसके दोस्तों को भी गिरफ्तार करवाया था।

इसके अलावा, 9 अक्टूबर को पंजाब में सिख एक्टिविस्ट गुरप्रीत सिंह की हत्या के मामले में भी अर्शदीप के गैंग के दो सदस्य पुलिस द्वारा पकड़े गए थे। डल्ला ने पंजाब के जगराओं में इलेक्ट्रीशियन परमजीत सिंह की हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी। वहीं, नवंबर 2020 में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मनोहर लाल की हत्या में भी डल्ला के सहयोगियों की संलिप्तता पाई गई थी। इसके अतिरिक्त, डल्ला पर डेरा सच्चा सौदा के एक अन्य अनुयायी शक्ति सिंह का अपहरण और हत्या की साजिश रचने का भी आरोप है। इन अपराधों के चलते अर्शदीप भारतीय खुफिया एजेंसियों की रडार पर आया।

अर्शदीप के खिलाफ कई राज्यों में मुकदमे दर्ज

बता दें कि अर्श डल्ला सोशल मीडिया के माध्यम से पंजाब और हरियाणा के युवाओं को विदेश में बसने का लालच देकर अपनी आतंकी गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास करता है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, डल्ला इन्हें भारत में हिंसा फैलाने और अन्य अपराधों के लिए इस्तेमाल कर रहा है। उसपर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब पुलिस समेत एनआईए ने कई मुकदमे दर्ज किए हैं। भारतीय खूफिया एजेंसियों ने पुष्टि की है कि वह अपनी पत्नी के साथ कनाडा में रह रहा है।

अर्श डल्ला का ISI से भी संबंध

डल्ला का नेटवर्क कनाडा, अमेरिका, दुबई, यूरोप, और अन्य देशों में फैला हुआ है। उसकी गतिविधियों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन प्राप्त बताया जाता है। डल्ला पर आरोप है कि उसने पाकिस्तान से पंजाब में ड्रोन के माध्यम से हथियारों की तस्करी करवाई और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से भी उसका संबंध रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल उसे आतंकवादी घोषित किया था और उसे कई संगीन अपराधों के लिए वांछित किया गया है।  गृह मंत्रालय ने कहा था कि अर्शदीप हत्या, वसूली, टारगेट किलिंग में भी शामिल है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ टकराव

कनाडा में डल्ला की गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह के साथ भी पुरानी दुश्मनी रही है। और यह दुश्मनी लगातार बढ़ती जा रही है। दिसंबर 2023 में यह संघर्ष उस वक्त और गहरा गया जब कनाडा में भारतीय मूल के कई व्यवसायियों को धमकियां देकर जबरन वसूली की कोशिशें की गईं। डल्ला की बंबीहा गैंग के नेता लकी पाटियाल से गहरी दोस्ती है, और दोनों ने मिलकर बिश्नोई गैंग के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।

दरअसल, बिश्नोई और बंबीहा गिरोह के बीच दुश्मनी का सिलसिला करीब एक दशक पुराना है, जिसकी शुरुआत 2010-11 में पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव के दौरान हुई थी। हाल ही में, 2023 में बिश्नोई गैंग ने डल्ला के करीबी साथी सुखदुल सिंह उर्फ सुक्खा दुनीके की कनाडा में उसके घर में घुसकर हत्या कर दी, जिससे दोनों गुटों के बीच की दुश्मनी और भड़क उठी।

क्या भारत लाया जाएगा अर्श डल्ला को?

अर्श डल्ला की गिरफ्तारी की खबर से भारतीय एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हालाँकि, कनाडाई अधिकारियों ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि वह अर्श डल्ला को कई गंभीर अपराधों के लिए भारत लाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा भारत-कनाडा संबंधों को देखते हुए यह कार्य आसान नहीं है।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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