मुंबई: आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स को खरीदने की रेस में अब वैश्विक दिग्गज इस्पात कंपनी आर्सेलर मित्तल (Arcelor Mittal) भी शामिल हो गई है। खबरों के मुताबिक 2008 की चैंपियन टीम रही राजस्थान रॉयल्स फिलहाल अपनी फ्रेंचाइजी में एक बड़ी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया में है, जिसकी वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर से अधिक रखने का लक्ष्य है।
वेबसाइट मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार मित्तल परिवार अपने स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो का विस्तार करना चाहता है। उन्होंने पिछले साल अमेरिका में नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) की टीम बॉस्टन सेलटिक्स (Boston Celtics) में भी हिस्सेदारी खरीदी थी। आर्सेलर मित्तल के सीईओ अभी आदित्य मित्तल हैं। वहीं, आदित्य मित्तल के पिता और इस्पात उद्योग के दिग्गज लक्ष्मी मित्तल, आर्सेलर मित्तल के कार्यकारी अध्यक्ष हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘बॉस्टन सेलटिक्स में साझेदारी के हिस्से के रूप में हिस्सेदारी खरीदने के बाद, मित्तल परिवार अब भारत की एक प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स एसेट के जरिए अपने खेल निवेश पोर्टफोलियो को और मजबूत करना चाहता है। समूह के तौर पर वे इस क्षेत्र को लेकर काफी आशावादी हैं और उन्हें लगता है कि यह एक अच्छा अवसर हो सकता है।’
चार पक्षों से आए हैं प्रस्ताव
कम से कम चार पक्षों ने राजस्थान रॉयल्स में हिस्सेदारी खरीदने के लिए प्रस्ताव जमा किए हैं। बाइंडिंग बिड जमा करने की अंतिम तारीख 17 मार्च थी, जो कि खत्म हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार आदित्य बिड़ला ग्रुप और अमेरिकी खेल निवेशक डेविड ब्लिट्जर की ओर से भी राजस्थान रॉयल्स में हिस्सेदारी खरीदने के लिए संयुक्त बाइंडिंग बिड जमा की गई है।
मनोज बडाले की कंपनी इमर्जिंग मीडिया आईपीएल लिमिटेड (Emerging Media IPL Ltd) के पास वर्तमान में राजस्थान रॉयल्स में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बाकी शेयरों में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी रेडबर्ड कैपिटल पार्टनर्स (RedBird Capital Partners) 13 प्रतिशत लचलान मर्डोक (Lachlan Murdoch) के पास है। जबकि शेष हिस्सेदारी अन्य व्यक्तिगत निवेशकों के पास है।
गौरतलब है कि राजस्थान रॉयल्स IPL ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम है। साल 2021 में अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार करते हुए राजस्थान रॉयल्स के मालिकों ने कैरेबियन प्रीमियर लीग फ्रेंचाइजी बारबाडोस ट्राइडेंट्स (बाद में बारबाडोस रॉयल्स) में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी थी।
आरसीबी को भी खरीदने की भी चल रही रेस
इस बीच इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा आईपीएल चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को खरीदने में रुचि दिखाने वाले पांच में से तीन पक्ष इस रेस से बाहर हो गए हैं। इंग्लिश प्रीमियर लीग के क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड में हिस्सेदारी रखने वाले ग्लेजर फैमिली और सीरम इंस्टट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला अब इस सौदे में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
दो पक्षों ने बाइंडिंग बिड जमा की है, जिनमें स्वीडन की प्राइवेट इक्विटी फर्म EQT AB शामिल है। इसके अलावा एक अन्य कंसोर्टियम में रंजन पाई (मणिपाल हॉस्पिटल), अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म केलबर्ग क्रेविस रॉबर्ट्स एंड कंपनी (KKR) और सिंगापुर की निवेश कंपनी टेमाशेक शामिल हैं। मौजूदा आरसीबी मालिक डियागो ग्रुप इस फ्रेंचाइजी के लिए लगभग 2 अरब डॉलर की कीमत मांग रहा है।

