नई दिल्लीः मिडिल ईस्ट में जारी संकट का असर पूरी दुनिया में देखा जा रहा है। इस बीच भारत में भी इसका असर एलपीजी संकट के रूप में देखा जा रहा है। इसे देखते हुए गृह मंत्रालय ने सख्ती दिखाई है और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के लिए सलाह जारी की है।
मंत्रालय ने एलपीजी के बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने और खाना पकाने की गैस की कालाबाजारी को लेकर भी सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
गृह मंत्रालय की राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ बैठक
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) के साथ हुई लगभग दो घंटे की वर्चुअल बैठक में इस सलाह को दोहराया गया। इस दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
अधिकारियों के मुताबिक, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एलपीजी उत्पादन संयंत्रों, भंडारण सुविधाओं, वितरण नेटवर्क और सिलेंडर ले जाने वाले वाहनों सहित प्रमुख एलपीजी बुनियादी ढांचे के आसपास सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा गया है। उन्हें स्थानीय आपूर्ति की दैनिक आधार पर कड़ी निगरानी रखने और जमाखोरी या कालाबाजारी जैसे उल्लंघनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है।
गृह मंत्रालय ने साथ ही साथ अपने केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को भी मजबूत किया है। यह कक्ष अब चौबीसों घंटे कार्यरत रहेगा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के नोडल अधिकारियों को वहां तैनात किया गया है ताकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल रही किसी भी अफवाह या गलत सूचना के संबंध में वास्तविक समय में समन्वय, तथ्य-जांच और तत्काल स्पष्टीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
इस सलाह में मंत्रालय ने राज्य सरकारों से तेल विपणन कंपनियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने का भी आग्रह किया है ताकि जनता को एलपीजी की उपलब्धता के बारे में आश्वस्त किया जा सके। अधिकारियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर कड़ी निगरानी रखने और फर्जी खबरों, भ्रामक पोस्ट या दोबारा इस्तेमाल किए गए वीडियो को हटाने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया गया है, जिनसे उपभोक्ताओं में दहशत फैल सकती है।
होटलों और रेस्तरां में दिख रहा असर
इस बीच देशभर की रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्सों को एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने और घरेलू खपत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि होटलों और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हैं।
हालांकि ये प्रतिबंध अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों सहित आवश्यक संस्थानों पर लागू नहीं होंगे, जिन्हें निर्बाध रूप से आपूर्ति मिलती रहेगी।
ये उपाय उन रिपोर्टों की पृष्ठभूमि में आए हैं जिनमें पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों के कारण घरेलू बाजार में एलपीजी की आपूर्ति में संभावित प्रतिबंध को लेकर जनता की आशंकाओं का जिक्र किया गया है।
एलपीजी आपूर्ति बाधित होने का असर भारत के कई शहरों में देखने को मिल रहा है जिससे फूड बिजनेस प्रभावित है। ऐसे में खाने का सामान महंगा हो गया है और उपभोक्ताओं को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालयों, निजी संस्थानों में भी खाने की सामग्री गैस आपूर्ति बाधित होने के चलते कम हुई है।

