कोलकाताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार, 25 नवंबर को भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित बनगांव क्षेत्र में आयोजित एक रैली में कहा कि भाजपा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू करना चाहती है।
ममता ने रैली के दौरान नागरिकों को आश्वासन दिया कि तृणमूल कांग्रेस ‘भाजपा आयोग’ को उनके वोट देने के अधिकार को छीनने की अनुमति नहीं देगी।
ममता बनर्जी ने क्या आरोप लगाया?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा रणनीतिक रूप से SIR का इस्तेमाल जनता में दहशत पैदा करने के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा “लेकिन भाजपा के झांसे में मत आना। बिल्कुल भी घबराना मत। हम तुम्हें जाने नहीं देंगे। जब हम तृणमूल कांग्रेस तुम्हारे साथ है तो कोई भी तु्म्हें दहशत में नहीं निकाल सकता।”
इस दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भी आलोचना की और दावा किया कि राज्य के मतुआ बहुल क्षेत्रों के मतदाता यदि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत खुद को विदेशी घोषित करते हैं तो उन्हें तुरंत सूची से हटा दिया जाएगा।
सीएम ममता बनर्जी उत्तर 24 परगना के बनगांव में एक रैली को संबोधित कर रही थीं जो राज्य में मतुआ समदुाय के मजबूत गढ़ों में से एक है। हालांकि, ममता बनर्जी अखिल भारतीय मतुआ महासंघ के भीतर कलह के कारण ठाकुरनगर स्थित ठाकुरबाड़ी नहीं गईं। ठाकुरबाड़ी मतुआ समुदाय का आध्यात्मिक केंद्र है और पारंपरिक रूप से उत्तर 24 परगना, नादिया और जलपाईगुड़ी जिलों के 30 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के चुनावी भाग्य का फैसला करता है।
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ममता की इस रैली ने 2026 में अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी। इस दौरान उन्होंने एसआईआर विरोधी आंदोलन को और तेज कर दिया।
भाजपा 100 रुपये लेकर दे रही प्रमाण पत्र
उन्होंने कहा कि भाजपा आपको 100 रुपये लेकर प्रमाण पत्र दे रही है ताकि आप अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कर सकें। उनकी रणनीति 2025 में पात्रता प्रमाण पत्र देकर आपको बांग्लादेशी दिखाने की है लेकिन यह मैपिंग 2002 के मतदाता सूची संशोधन अभ्यास में की गई थी।
ममता ने भाजपा पर भ्रामक हथकंडे अपनाने और मतदाताओं को सीएए कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए लुभाने का आरोप लगाया। राज्यसभा सांसद शांतनु ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा, ताहाकुरनगर स्थित मतुआ समुदाय के लोगों को अपने अस्थायी शिविरों से सीएए कार्ड बांट रही थी ताकि वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकें।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों को धोखा दे रही है। एसआईआर के पिछले दरवाजे से सीएए लागू करने की कोशिश कर रही है। यह धर्म का कार्ड खेल रही है। आप इतने सालों तक हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठे हो? एसआईआर प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा करना संभव नहीं है। इसके लिए तीन साल चाहिए।
उन्होंने एसआईआर की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मणिपुर, असम, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश जैसे कुछ ही राज्यों को इस प्रक्रिया से छूट दी गई है। ममता ने इस दौरान कसम खाई कि अगर पश्चिम बंगाल में उन्हें चुनौती दी गई तो वे पूरे देश में भाजपा की नींव हिला देंगी। चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए ममता ने कहा कि अब यह निष्पक्ष संस्था नहीं रही, बल्कि भाजपा आयोग बन गया है।

