Friday, March 20, 2026
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महाराष्ट्रः 1,500 आबादी वाले गांव में 3 महीने में जन्में 27 हजार, ज्यादातर नाम बंगाल-यूपी के!

रिपोर्ट के बाद यवतमाल सिटी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

नागपुरः महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के अर्णी तालुका स्थित शेंदुरसनी ग्राम पंचायत में जन्म से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करीब 1,500 की आबादी वाले इस गांव में महज तीन महीनों के भीतर 27,398 विलंबित जन्म पंजीकरण दर्ज किए जाने का खुलासा हुआ है। इस आंकड़े के सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी की आशंका जताते हुए जांच शुरू कर दी है।

जिला सूचना अधिकारी की ओर से बयान जारी कर बताया गया कि यह गड़बड़ी स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता जांच के दौरान सामने आई। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में अवैध और विलंबित जन्म-मृत्यु पंजीकरण को रद्द करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सितंबर से नवंबर 2025 के बीच दर्ज रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की गई।

3 महीने में जन्में 27,397 और 7 लोगों की हुई मृत्यु

इसी दौरान शेंदुरसनी ग्राम पंचायत के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) में दर्ज आंकड़ों ने अधिकारियों को हैरान कर दिया। तीन महीनों में 27,397 जन्म और सात मृत्यु प्रविष्टियां दर्ज पाई गईं, जो गांव की वास्तविक आबादी से कहीं अधिक थीं। अधिकारियों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए तत्काल जिला स्वास्थ्य अधिकारी और जन्म-मृत्यु के जिला रजिस्ट्रार को सूचित किया।

मामले की जानकारी मिलते ही यवतमाल जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदर पाटकी ने एक जांच समिति गठित की। पंचायत विभाग के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अगुवाई में समिति ने गांव में जाकर स्थल निरीक्षण किया। जांच में यह निष्कर्ष निकला कि 27,397 जन्म रिकॉर्ड और सात मृत्यु रिकॉर्ड ग्राम पंचायत के क्षेत्राधिकार से बाहर के हैं और अत्यंत संदिग्ध हैं। समिति ने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी संख्या में प्रविष्टियां ग्राम पंचायत स्तर से होना असंभव है।

इसके बाद मामला तकनीकी जांच के लिए उप स्वास्थ्य सेवा निदेशक, पुणे को भेजा गया। राज्य स्तर पर किए गए लॉगिन विश्लेषण में यह सामने आया कि शेंदुरसनी ग्राम पंचायत का सीआरएस आईडी मुंबई से मैप किया गया था। इसके आधार पर मामला भारत के अतिरिक्त महापंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को भेजा गया। 11 दिसंबर को प्राप्त तकनीकी रिपोर्ट में इन प्रविष्टियों के साइबर फ्रॉड के जरिए किए जाने की प्रबल संभावना जताई गई।

रिपोर्ट के बाद यवतमाल सिटी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सिटी पुलिस इंस्पेक्टर नंदकिशोर काले ने कहा कि शेंदुरसनी के जन्म पंजीकरण रिकॉर्ड में अनियमितताओं की शिकायत मिली है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

ज्यादातर नाम पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश से, भाजपा ने जांच की मांग की

इस बीच, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने बुधवार को शेंदुरसनी गांव का दौरा कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के कंप्यूटर ऑपरेटर के लॉगिन क्रेडेंशियल का दुरुपयोग किया गया है।

सोमैया के मुताबिक, दर्ज किए गए 99.99 प्रतिशत नाम पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के लोगों के हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात कर सभी फर्जी जन्म पंजीकरण प्रविष्टियों को रद्द करने की मांग की है।

उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी और जन्म-मृत्यु के जिला रजिस्ट्रार ने यवतमाल जिले के सभी रजिस्ट्रारों से अपील की है कि वे अपने सीआरएस आईडी, पासवर्ड या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। फिलहाल प्रशासन इस पूरे मामले को बड़े साइबर फ्रॉड के रूप में देखते हुए हर पहलू से जांच कर रहा है।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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