राजस्थान के कोटा शहर में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जवाहर नगर–तलवंडी इलाके में स्थित तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के समय इमारत में रेस्टोरेंट चल रहा था, जहां ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे।
प्रशासन के मुताबिक, इमारत गिरने के बाद करीब 20 लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना मिली। तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अब तक पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। नौ घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से चार का इलाज जारी है, जबकि कुछ लोगों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया या प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। दो लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, एंबुलेंस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को घेराबंदी कर खाली कराया गया ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया, हालांकि अधिकारियों ने बताया कि फंसे लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बेहद सावधानी बरती गई। बता दें कि सुबह भी रेस्क्यू जारी रहा। मशीनों से मलबा हटाया जा रहा है।
हादसे में जान गंवाने वाले छात्र की पहचान आर्यन के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला था और कोटा में एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाई कर रहा था। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा, जबकि प्रशासन की टीमें मौके पर डटी रहीं और राहत कार्य जारी रहा।राजस्थान के मंत्री मदन दिलावर ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया और कहा कि फिलहाल दो मौतों की पुष्टि हुई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कोटा में हुए हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने जिला कलेक्टर और शहर के पुलिस अधीक्षक से बात कर राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ओम बिरला ने कहा कि वे लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उनके विशेष कार्याधिकारी राजीव दत्ता मौके पर मौजूद रहकर हालात की निगरानी कर रहे हैं।
राजीव दत्ता ने घटना के बाद मीडिया को बताया कि अब तक आठ लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है, जिनमें एक छात्र की मौत की पुष्टि हुई है। शेष सात घायलों का इलाज चल रहा है और सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी दो से तीन और लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल इमारत गिरने के कारणों का पता नहीं चल सका है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जांच कराई जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आपातकालीन कार्य पूरे होने तक घटनास्थल के आसपास न जाएं।

