तिरुवनंतपुरमः केरल विधानसभा चुनाव के शोर के बीच मलप्पुरम जिले के वंडूर में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले पर हमले की खबर सामने आई है। शुक्रवार शाम हुई इस घटना में थरूर के सुरक्षा गार्ड (गनमैन) और ड्राइवर के साथ मारपीट की गई।
पुलिस ने थरूर की गाड़ी रोकने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है जिसकी पहचान कालीकावु के रहने वाले उमर के रूप में हुई है। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है जिसने पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने उन दो कारों को भी जब्त किया जिसमें आरोपी सफर कर रहे थे।
क्या हुआ था, थरूर काफिले पर हमले की पूरी कहानी
पुलिस के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार शाम लगभग 7:30 बजे वंडूर के थिरुवाली इलाके में ‘चेल्लीथोडे ब्रिज’ के पास हुई। शशि थरूर कांग्रेस नेता एपी अनिल कुमार के चुनाव प्रचार कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रास्ता संकरा होने के कारण थरूर के गनमैन रतीश केपी ने आगे चल रहे दो वाहनों को रास्ता देने के लिए कहा, ताकि काफिला सुचारू रूप से निकल सके।
इसी बात पर विवाद बढ़ गया और उन वाहनों में सवार पांच लोगों के समूह ने रास्ता रोककर थरूर के गनमैन और ड्राइवर पर कथित तौर पर हमला कर दिया। घटना के समय शशि थरूर गाड़ी की अगली सीट पर ही बैठे थे।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें थरूर अपनी गाड़ी की आगे वाली सीट पर बैठे नजर आ रहे हैं और आसपास कुछ लोग इकट्ठा होकर नारेबाजी कर रहे हैं।
शशि थरूर ने क्या कहा?
इस बीच, शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि उनके सुरक्षाकर्मी अब ठीक हैं और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बावजूद उन्होंने बिना डरे अपना कार्यक्रम जारी रखा और तय कार्यक्रम के अनुसार दो अन्य कार्यक्रम भी पूरे किए।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब केरल में 9 अप्रैल को 140 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान होना है। वोटों की गिनती 4 मई को होगी, जबकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। राज्य में करीब 2.70 करोड़ मतदाता हैं।
इस बार के चुनाव को सीएम पिनाराई विजयन की अगुवाई वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि केरल फिलहाल भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जो लेफ्ट सरकार के नेतृत्व में है।
राज्य के राजनीतिक रुझान अक्सर एलडीएफ और कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच बदलते रहे हैं। इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी भी हाल के चुनावों में अपना वोट शेयर बढ़ाकर एक महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में उभर रही है।

