Friday, March 20, 2026
Homeभारतकेरल चुनाव: 140 में से 86 सीटों पर लड़ेगी CPI-M, सीएम विजयन...

केरल चुनाव: 140 में से 86 सीटों पर लड़ेगी CPI-M, सीएम विजयन धर्मदम सीट से देंगे चुनौती

2021 के विधानसभा चुनाव में सीपीएम के नेतृत्व वाली एलडीएफ ने 99 सीटें जीती थी। वहीं, कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ को 41 सीटें मिलीं और भाजपा कोई सीट नहीं जीत पाई थी। इससे पहले 2016 में पार्टी ने पहली बार केरल विधानसभा में एक सीट जीती थी।

नई दिल्ली: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI-M/मार्क्सवादी) ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 में 140 में से 86 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। बाकी 54 सीटें सीपीआई-एम के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) में शामिल दूसरे सहयोगी दलों को जाएंगे। पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची भी जारी की है, जिसमें 56 मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट दिया गया है।

मुख्यमंत्री पिनारई विजयन एक बार फिर कन्नूर जिले के धर्मदम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा को कन्नूर जिले के पेरावूर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। पिछले चुनाव में उन्होंने मट्टन्नूर विधानसभा क्षेत्र में रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी, लेकिन अब उनकी सीट बदली गई है। पेरावूर से वर्तमान में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ विधायक हैं।

पार्टी ने अब तक 81 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि शेष पांच निर्दलीय उम्मीदवार होंगे जिनके नाम बाद में घोषित किए जाएंगे। प्रमुख उम्मीदवारों में पी.के. श्यामला तालिपारम्बा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी। श्यामला सीपीआईएम के प्रदेश सचिव एम.वी. गोविंदन की पत्नी हैं और तालिपारम्बा पहले उनकी सीट थी।

पार्टी ने उन विधानसभा क्षेत्रों में भी उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कड़ी टक्कर मिलने की आशंका है। इनमें नीमोम विधानसभा क्षेत्र से वी. शिवनकुट्टी, कझाकूट्टम विधानसभा क्षेत्र से कडाकम्पल्ली सुरेंद्रन, वट्टियूरकावु विधानसभा क्षेत्र से वी.के. प्रशांत और मंजेश्वरम विधानसभा क्षेत्र से के.आर. जयानंदन शामिल हैं। पलक्कड़ विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार की घोषणा अभी बाकी है और वह पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार होंगे।

पार्टी ने अब तक 81 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि शेष पांच निर्दलीय उम्मीदवार होंगे जिनके नाम बाद में घोषित किए जाएंगे। प्रमुख उम्मीदवारों की बात करें तो पी.के. श्यामला तालिपारम्बा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी। श्यामला सीपीआईएम के प्रदेश सचिव एम.वी. गोविंदन की पत्नी हैं और पहले तालिपारम्बा उनकी सीट थी।

पार्टी ने उन विधानसभा क्षेत्रों में भी उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कड़ी टक्कर मिलने की आशंका है। इनमें नीमोम विधानसभा क्षेत्र से वी. शिवनकुट्टी, कझाकूट्टम विधानसभा क्षेत्र से कडाकम्पल्ली सुरेंद्रन, वट्टियूरकावु विधानसभा क्षेत्र से वी.के. प्रशांत और मंजेश्वरम विधानसभा क्षेत्र से के.आर. जयानंदन शामिल हैं। पलक्कड़ विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार की घोषणा अभी बाकी है और वह पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार हो सकता है।

केरल में 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान

केरल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का भी ऐलान निर्वाचन आयोग की ओर से रविवार को कर दिया गया। केरल में 9 अप्रैल को 140 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। शेड्यूल की घोषणा के साथ ही, पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता तुरंत लागू हो गई है।

चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार केरल में कुल 2.71 वोटरों में से लगभग 1.31 करोड़ पुरुष हैं, जबकि 1.38 करोड़ महिलाएं हैं। अंतिम लिस्ट में 2,23,558 प्रवासी वोटर भी शामिल हैं, जिन्होंने विदेश में रहने वाले वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करवाया है।

केरल में मुख्य तौर पर मुकाबला सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ), जिसे सीपीआई (एम) नेतृत्व दे रही है, और विपक्षी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ), जिसका नेतृत्व कांग्रेस कर रही है, के बीच है। इस बीच भाजपा भी केरल में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।

2021 के चुनाव में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतीं, कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ को 41 सीटें मिलीं और भाजपा कोई सीट नहीं जीत पाई थी। इससे पहले 2016 में पार्टी ने पहली बार एक सीट जीती थी।

राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि राज्य में चुनाव का रुझान अक्सर स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों से प्रभावित होते हैं, जो आमतौर पर कुछ महीने पहले होते हैं। अगर यह पैटर्न इस बार भी जारी रहता है, तो कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ आगे रहने की संभावना रखती है। उन्होंने हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया था, जिससे एलडीएफ दूसरी और भाजपा तीसरी स्थिति में रही।

एलडीएफ के लिए यह चुनाव तीसरी लगातार बार सत्ता बनाए रखने की परीक्षा है, जो केरल के चुनावी इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। एलडीएफ ने 2021 में सत्ता में वापसी की थी और राज्य में लंबे समय से बदलती सरकार की परंपरा को तोड़ा था।

यूडीएफ का नेतृत्व विपक्ष के नेता वीडी सतीशन कर रहे हैं। यूडीएफ, एलडीएफ सरकार के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी का फायदा उठाने की उम्मीद कर रही है। कांग्रेस नेता मानते हैं कि राज्य का राजनीतिक चक्र और स्थानीय चुनावों में दिखा जनता का मूड सरकार बदलने के पक्ष में हो सकता है।

(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments