तिरुवनंतपुरम: केरल की राजनीति में बड़ा उलटफेर सामने आया है। तिरुवनंतपुरम नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। 101 वार्डों में से, BJP के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) ने बड़ी जीत हासिल कर ली है। समाचार लिखे जाने तक एनडीए के खाते में 50 सीटें आ चुकी थी, जो बहुमत से बस एक कम है।
दूसरी ओर CPI(M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को 29 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को 19 सीटें मिलीं। तिरुवनंतपुर नगर निगम में एलडीएफ पिछले चार दशकों से अधिक समय तक लगातार काबिज रहा है। ऐसे में भाजपा की जीत राज्य में वाम मोर्चे की राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
एनडीए ने पलक्कड़ नगर पालिका में भी पकड़ बरकरार रखी है, जबकि LDF ने 25 साल बाद कोल्लम में अपने लंबे समय से चले आ रहे गढ़ पर नियंत्रण खो दिया है। वहीं, केरल में ज्यादातर निकायों में यूडीएफ जीत की ओर बढ़ रहा है।
पीएम नरेंद्र मोदी भाजपा की जीत पर गदगद
NDA की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीजेपी इस शहर के विकास के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा, ‘तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में बीजेपी-NDA को मिला जनादेश केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल है। लोगों को यकीन है कि राज्य की विकास की आकांक्षाओं को सिर्फ हमारी पार्टी ही पूरा कर सकती है। हमारी पार्टी इस शहर के विकास के लिए काम करेगी और लोगों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देगी।’
वहीं, केरल की बीजेपी यूनिट ने कहा कि यह जनादेश पीएम मोदी के नेतृत्व में लोगों के भरोसे को दिखाता है। केरल भाजपा की ओर से कहा गया, ‘केरल की राजधानी में एक ऐतिहासिक बदलाव। तिरुवनंतपुरम में पहला बीजेपी मेयर बनने जा रहा है, पार्टी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। यह जनादेश माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएल संतोष और राजीव चंद्रशेखर के विकास केरलम के विजन में लोगों के भरोसे को दिखाता है। विकास-उन्मुख शासन में विश्वास दिखाने के लिए तिरुवनंतपुरम के लोगों का दिल से आभार।’
बता दें कि एक उम्मीदवार की मौत की वजह से एक सीट पर वोटिंग नहीं हुई थी। इस बीच, एर्नाकुलम जिले की त्रिपुनिथुरा नगर पालिका में वोटों की गिनती पूरी हो गई है। NDA ने 21 सीटें जीती हैं LDF ने 20 सीटें जीतीं, जबकि UDF को 12 सीटें मिलीं। इस बीच, UDF ने कोच्चि में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 44 सीटें जीती हैं।
केरल विधानसभा चुनाव से पहले लिटमस टेस्ट
केरल राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी लेटेस्ट आंकड़े के अनुसार कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF 3155 वार्डों पर आगे चल रहा है। CPI(M) के नेतृत्व वाला LDF 2565 वार्डों पर आगे है, जबकि BJP के नेतृत्व वाला NDA 577 वार्डों पर आगे है। ये स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के केरल विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में राजनीतिक पार्टियों के लिए एक लिटमस टेस्ट की तरह माने जा रहे हैं।
केरल में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए वोटों की गिनती शनिवार सुबह 8 बजे शुरू हुई। ये चुनाव 1,199 स्थानीय निकायों में दो चरणों में हुए थे। चुने गए पंचायत सदस्यों और नगर पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 21 दिसंबर को सुबह 10 बजे होगा, जबकि नए चुने गए कॉर्पोरेशन पार्षद उसी दिन सुबह 11 बजे शपथ लेंगे।
1995 के बाद सबसे ज्यादा वोटिंग
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार इस साल केरल में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में 1995 में हुए पहले नगर निगम चुनावों के बाद से सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। दो चरणों में हुए इन चुनावों में गुरुवार रात करीब 9.30 बजे जारी राज्य चुनाव आयोग (SEC) के आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में 76.08 प्रतिशत वोटिंग हुई। 9 दिसंबर को हुए पहले चरण में 70.91 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, जिससे चुनावों में कुल भागीदारी 73.69 प्रतिशत हो गई।

