राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (JLN Stadium) अब अतीत बनने जा रहा है। केंद्र सरकार यहां एक आधुनिक स्पोर्ट्स सिटी बनाने की तैयारी में है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के साथ खिलाड़ियों के लिए आवासीय कॉम्प्लेक्स भी होंगे। खेल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक यह योजना अभी शुरुआती ‘आइडिएशन फेज’ यानी विचार-स्तर पर है।
इंडियन एक्सप्रेस ने मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि “इस समय हम दुनिया के अलग-अलग देशों के मॉडल देख रहे हैं, जहां ऐसे स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट्स बने हैं। अभी कोई तय टाइमलाइन नहीं है। हम दोहा जैसे स्पोर्ट्स सिटी मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं। जब सभी पहलुओं की समीक्षा पूरी हो जाएगी, तब आगे की योजना पर काम शुरू होगा।”
1982 एशियाई खेलों से लेकर 2017 फीफा तक की मेजबानी
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम कई खेलों का गवाह रहा है। दिल्ली का यह प्रतिष्ठित स्टेडियम 1982 के एशियाई खेलों के लिए बनाया गया था। इसके बाद 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले इस पर करीब 961 करोड़ रुपये खर्च कर इसे आधुनिक रूप दिया गया था। हाल ही में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप से पहले इसके उन्नयन पर और 50 करोड़ रुपये की लागत आई।
करीब 60,000 दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम देश के सबसे बड़े और प्रतीकात्मक खेल स्थलों में से एक माना जाता है। 2017 में यहां फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के मुकाबले भी खेले गए थे।
क्या-क्या होगा बदलाव?
जवाहर लाल स्टेडियम में मुख्य फुटबॉल स्टेडियम और एथलेटिक्स ट्रैक के अलावा तीरंदाजी अकादमी, बैडमिंटन कोर्ट्स, भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई), राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) और राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल) के कार्यालय भी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि सभी कार्यालयों को दूसरे स्थान पर ले जाया जाएगा और मुख्य स्टेडियम को पूरी तरह से डिस्मेंटल (तोड़कर पुनर्निर्मित) किया जाएगा। परिसर में खिलाड़ियों के लिए रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे ताकि जब वे किसी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने आएं तो स्टेडियम के पास ही रह सकें।
स्टेडियम की जगह स्पोर्ट्स सिटी का निर्माण
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम परिसर करीब 102 एकड़ में फैला है, लेकिन इसका एक बड़ा हिस्सा फिलहाल अनुपयोगी है। मंत्रालय का लक्ष्य इस पूरी जमीन का इस्तेमाल कर एक अत्याधुनिक खेल नगर (Sports City) बनाना है, जिसमें स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र, खेल विज्ञान संस्थान, मेडिकल और रिहैब सुविधाएं एक ही जगह होंगी।
सरकार जिन मॉडलों पर विचार कर रही है, उनमें कतर की दोहा स्पोर्ट्स सिटी भी शामिल है। लगभग 618 एकड़ में फैला यह परिसर 2006 एशियाई खेलों के लिए तैयार किया गया था और बाद में 2022 फीफा विश्व कप की मेजबानी भी इसी क्षेत्र ने की। भारत का नया प्रोजेक्ट भी इसी तर्ज पर विकसित करने का विचार है।

