नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर एक कार्यक्रम के दौरान जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। एक शख्स कथित तौर पर लोडेड पिस्तौल लेकर उनके बेहद करीब तक पहुंच गया और फायरिंग कर दी। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए।
बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब फारूक अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी एक कार्यक्रम/शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। फायरिंग के बावजूद दोनों नेता सुरक्षित हैं। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
‘अल्लाह मेहरबान, पिता बाल-बाल बचे’
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घटना की जानकारी देते हुए लिखा, “अल्लाह मेहरबान हैं। मेरे पिता बाल-बाल बच गए। फिलहाल पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना पता चला है कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ बिल्कुल करीब तक पहुंच गया और गोली चला दी।”
उन्होंने कहा कि सुरक्षा दल की सतर्कता की वजह से आरोपी को तुरंत काबू कर लिया गया और हत्या की कोशिश नाकाम हो गई। उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए सवाल उठाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति हथियार के साथ कैसे पहुंच गया।
घटना के बाद फारूक अब्दुल्ला के आवास पर कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंचे और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर को बेहद करीब से फायरिंग करते देखा जा सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमले का मकसद क्या था और गोली किसे निशाना बनाकर चलाई गई थी।
कई नेताओं ने की निंदा
इस घटना की कई नेताओं ने निंदा की है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि एक शादी समारोह में फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला होना गंभीर मामला है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि शुक्र है वह सुरक्षित हैं, लेकिन इस गंभीर सुरक्षा चूक की गहन जांच होनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्री सकीना इटू ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि ‘जेड प्लस’ सुरक्षा प्राप्त एक पूर्व मुख्यमंत्री पर इस तरह का हमला होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सुरक्षा में हुई चूक के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उन्होंने फारूक अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और नासिर असलम वानी से बात की है और सभी सुरक्षित हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। हालांकि घटना को लेकर अभी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
–आईएएनएस इनपुट के साथ

