Friday, March 20, 2026
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खबरों से आगे: कश्मीर में 40 दिनों की कड़ाके की सर्दी का दौर…बारिश और ताजा बर्फबारी से पर्यटन सेक्टर को राहत

इस साल अप्रैल में, बैसरन (पहलगाम) आतंकवादी हमले के कारण, पर्यटन कई महीनों तक बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उसके बाद सूखे मौसम ने स्थिति और बिगाड़ दी थी। अब ताजी बर्फबारी और बारिश पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों के लिए अच्छा समय लेकर आई है।

जम्मू-कश्मीर में पर्यटन व्यापार से जुड़े हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। ऐसा इसलिए कि कुछ दिन पहले लंबे समय तक चला आ रहा सूखा मौसम खत्म हो गया। कश्मीर घाटी में कई जगहों पर बारिश और बर्फबारी हो रही है। जाहिर है इससे पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों से रोजी-रोटी कमाने वालों में खुशी है। अगस्त और सितंबर में भारी बारिश ने सब कुछ खराब कर दिया था, उसके बाद अक्टूबर और नवंबर में असामान्य रूप से सूखे मौसम ने होटल मालिकों, टैक्सी ड्राइवरों के साथ-साथ शिकारा वालों और हाउसबोट मालिकों की नींद उड़ा दी थी।

इस साल अप्रैल में, बैसरन (पहलगाम) आतंकवादी हमले के कारण, पर्यटन कई महीनों तक बुरी तरह प्रभावित हुआ था। अब ताजी बर्फबारी और बारिश पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों के लिए अच्छा समय लेकर आई है।

कश्मीर का सबसे कठोर 40 दिनों वाला सर्दियों का चरण, जिसे ‘चिल्ला-ए-कलां’ कहते है, शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को शुरू हुआ। इसी के साथ पूरी घाटी में मौसम की स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया। गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसी जगहों पर बर्फ की कमी के कारण पर्यटकों की संख्या बहुत कम हो गई थी। यहां तक ​​कि जो लोग इन जगहों पर गए थे, वे भी निराश थे क्योंकि वहां बर्फ नहीं थी।

क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के ठीक समय पर हुई बारिश से चारों तरफ खुशी का माहौल है। ज्यादातर होटलों में अच्छी संख्या में बुकिंग हो रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुछ दिन पहले सूखे मौसम को लेकर चिंता जताई थी। अब अच्छी बर्फबारी के बीच वह कुछ टूरिस्ट जगहों पर जा सकते हैं। इसके अलावा चिल्ला-ए-कलां की शुरुआत के साथ ही बड़े पैमाने पर बारिश और बर्फबारी हुई है, जिससे लंबे समय से चले आ रहे सूखे का दौर खत्म हो गया। सूखे मौसम के बीच कश्मीर के कई हिस्सों में घने कोहरे, स्मॉग के साथ-साथ हवा की क्वालिटी भी खराब हो गई थी।

अब ऊंचाई वाले इलाकों में ताजी बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे मौसम की स्थिति में साफ सुधार हुआ। यह अगले 48 घंटों तक जारी रहने की संभावना है और इससे पूरे इलाके में तापमान में काफी गिरावट आएगी।

Baramulla: A lone visitor walks through the fresh snow amidst tall pine tree during the first snowfall of Chillai Kalan in Gulmarg, Baramulla on Sunday, December 21, 2025. (Photo: IANS)

अधिकारियों ने बताया कि ताजा बारिश से विजिबिलिटी बेहतर हुई और हवा की क्वालिटी में सुधार हुआ है। खासकर शहरी इलाकों में जो पिछले एक हफ्ते से कम AQI लेवल से जूझ रहे थे। बेशक, यह दिल्ली जितनी चिंताजनक स्थिति नहीं थी, लेकिन बारिश ने हवा से सभी प्रदूषकों को धो दिया है।

मौसम विभाग ने और बारिश और बर्फबारी का अनुमान लगाया है। इससे ऊँचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और पूरे क्षेत्र में ठंड की स्थिति बनी रहेगी। अधिकारियों ने लोगों को यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर बर्फ से ढके और पहाड़ी इलाकों में, क्योंकि इस दौरान तापमान और गिरने की संभावना है।

चिल्ला-ए-कलां कश्मीर की सर्दियों का सबसे ठंडा दौर माना जाता है और 40 दिनों तक चलता है। इसके बाद अपेक्षाकृत हल्के चिल्ला-ए-खुर्द और चिल्ला-ए-बच्चा चरण आते हैं।

इस बीच ट्रैफिक अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) पर दोनों तरफ से गाड़ियों की आवाजाही जारी है। हालांकि, बर्फ जमने के कारण मुगल रोड, सिंथन पास और श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी (SSG) रोड बंद हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल और ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट्स के जरिए आधिकारिक ट्रैफिक अपडेट ही चेक करें। फिसलन भरी स्थितियों के कारण ड्राइवरों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

Baramulla: People and horses make their way along a snow-covered path during the first snowfall of Chillai Kalan in Gulmarg, Baramulla on Sunday, December 21, 2025. (Photo: IANS)

मौसम पूर्वानुमानकर्ता फैजान आरिफ केंग ने बताया है कि जम्मू और कश्मीर के ऊंचे इलाकों में फिलहाल हल्की बर्फबारी हो रही है, गुलमर्ग और सोनमर्ग में लगभग 1 से 2 इंच ताजी बर्फ गिरी है, जबकि साधना टॉप पर लगभग 6 इंच बर्फ गिरी है। मैदानी इलाकों में हल्की, रुक-रुक कर बारिश हो रही है। भारी बर्फबारी के कारण कई इलाकों में ट्रैफिक बाधित होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे दिन बढ़ेगा, मौसम की गतिविधियां तेज होने की संभावना है, मैदानी इलाकों में बारिश होगी और ऊंचे इलाकों में मध्यम बर्फबारी की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा, ‘अगर दोपहर या शाम तक मध्यम बारिश जारी रहती है, तो तापमान इतना गिर सकता है कि मैदानी इलाकों में भी कुछ जगहों पर बर्फबारी हो सकती है।’

उन्होंने कहा कि बारिश के नए दौर से इस क्षेत्र को बहुत जरूरी राहत मिली है, जहाँ सर्दियों की शुरुआत में असामान्य रूप से सूखा और प्रदूषित मौसम था।

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