श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना की गाड़ी 200 फीट गहरी खाई में गिर गई जिसमें कम से कम 10 सैन्यकर्मियों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।
अधिकारियों ने कहा कि सेना की गाड़ी एक उच्च ऊंचाई वाली चौकी पर जा रही थी तभी उसके चालक दल ने नियंत्रण खो दिया और यह 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। यह दुर्घटना भादरवाह-चंबा अंतरराज्यीय सड़क पर खानी टॉप पर हुई।
पुलिस द्वारा चलाया जा रहा बचाव अभियान
इस घटना के बाद सेना और जम्मू-कश्मीर की पुलिस द्वारा एक बचाव अभियान चलाया जा रहा है। शुरुआत में चार सैनिक मृत पाए गए थे जबकि बाद में यह संख्या बढ़कर 10 पर पहुंच गई।
इनमें से कुछ बुरी तरह से घायल थे जिन्हें विशेष उपचार के लिए उधमपुर के सैन्य अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उनके कार्यालय ने ट्वीट किया, “उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए त्वरित बचाव और निकासी प्रयासों की सराहना की।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा “डोडा में हुए दुखद सड़क हादसे से मैं बेहद व्यथित हूं जिसमें भारतीय सेना के 10 बहादुर जवान शहीद हो गए। मेरी हार्दिक संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायल जवानों को चिकित्सा सहायता दी जा रही है और सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इस कठिन घड़ी में पूरा देश हमारे सशस्त्र बलों और उनके परिवारों के साथ खड़ा है।”
दैनिक भास्कर ने सेना के अधिकारी के हवाले से लिखा कि इस गाड़ी में 21 जवान सवार थे। घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हादसे से दुखी हूं और दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरा देश एकजुटता के साथ खड़ा है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी घटना में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया है।
सैन्य बलों और आतंकियों के बीच हुई थी मुठभेड़
इससे पहले 18 जनवरी को सैन्य बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। यह मुठभेड़ किश्तवाड़ जिले में हुई थी और इसमें 8 जवान घायल हो गए थे। घायल हुए एक जवान की इलाज के दौरान 19 जनवरी को मौत हो गई थी।
सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया और इस अभियान में 12,000 फीट ऊंचाई पर स्थित एक फोर्टिफाइड बंकर को ध्वस्त किया था। इसे कारगिल युद्ध की तर्ज पर पत्थरों से मजबूत बनाया गया था।
सुरक्षाबलों ने इस बंकर से भारी मात्रा में सामान बरामद किया था। इसमें करीब 4 महीने का राशन का सामान मिला।

