राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में शुक्रवार तड़के उस समय तनाव फैल गया, जब एक मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगाने को लेकर हुआ विवाद हिंसा में बदल गया। हालात बेकाबू होने पर पुलिस और उपद्रवियों के बीच झड़प हुई, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को काबू में रखने के लिए प्रशासन ने चौमूं में 24 घंटे के लिए व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया सेवाएं बंद कर दीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना चौमूं के मुख्य बस स्टैंड क्षेत्र में हुई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर कथित तौर पर पथराव किया गया, जिसमें आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
घटना के बाद पूरे इलाके को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है। जयपुर पुलिस लाइन, हरमाड़ा, दौलतपुरा, मुरलीपुरा और विश्वकर्मा थाना क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल चौमूं भेजा गया है। बस स्टैंड क्षेत्र को व्यावहारिक रूप से पुलिस कैंप में बदल दिया गया है। इसके अलावा स्पेशल टास्क फोर्स, दंगा नियंत्रण वाहन और अतिरिक्त बल भी तैनात किए गए हैं।
क्या है विवाद की पूरी कहानी?
अधिकारियों के अनुसार तनाव की जड़ बुधवार को चलाए गए ट्रैफिक मैनेजमेंट अभियान से जुड़ी है। चौमूं बस स्टैंड स्थित मस्जिद के सामने कई वर्षों से पड़े पत्थरों को मुस्लिम समुदाय की सहमति से हटाया गया था। यह प्रक्रिया गुरुवार देर शाम तक चली, जिसके चलते थाना मोड़ और मोरिजा तिराहा जैसे प्रमुख मार्गों से यातायात को डायवर्ट किया गया।
इसके बाद उसी स्थान पर कुछ लोगों द्वारा लोहे के गर्डर और रेलिंग लगाने की कोशिश की गई, जिससे फिर से तनाव पैदा हो गया। पुलिस और समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच देर रात तक बातचीत चली और यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति बनी। हालांकि बाद में पुलिस द्वारा रेलिंग हटाए जाने से कुछ स्थानीय लोग नाराज हो गए और कथित तौर पर पथराव शुरू हो गया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की, अब कैसे हैं हालात?
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए पुलिस आयुक्त की सिफारिश पर संभागीय आयुक्त पूनम ने आदेश जारी कर शुक्रवार सुबह 7 बजे से शनिवार सुबह 7 बजे तक चौमूं में सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और बल्क मैसेज सेवाओं को निलंबित कर दिया, ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव पचार, डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद और अतिरिक्त डीसीपी राजेश गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। डीसीपी वेस्ट जयपुर हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि चौमूं में स्थित कलंदरी मस्जिद के बाहर अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। उनके अनुसार एक पक्ष ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा दिया था, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने लोहे के एंगल लगाकर उसे स्थायी रूप देने की कोशिश की। पुलिस जब इन ढांचों को हटाने पहुंची, तभी कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है।

