तेहरानः ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बीच 200 से अधिक भारतीय छात्रों को राजधानी तेहरान से कुम शहर में भेजा गया है। ये छात्र तेहरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे हैं। कुम शहर युद्ध के हालातों के बीच तेहरान की तुलना में ज्यादा सुरक्षित है।
कुम शहर राजधानी तेहरान से करीब 140 किमी दक्षिण में स्थित है। तेहरान से इन छात्रों को मंगलवार (3 मार्च) को सुबह बसों से ले जाया गया।
जम्मू-कश्मीर से हैं अधिकतर छात्र
इन छात्रों में से अधिकतर जम्मू-कश्मीर से हैं। ये छात्र तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेस, शहीद बेहेस्टी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ रहे थे। ईरान में कुछ भारतीय छात्र इंजीनियरिंग की भी पढ़ाई करते हैं।
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द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रतिनिधि के हवाले से लिखा कि “तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। छात्रों को पांच बसों में स्थानांतरित किया गया और वे अभी-अभी सुरक्षित रूप से क़ौम पहुंचे हैं। ईरान के अन्य स्थानों पर फैले अन्य छात्रों को स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है।”
छात्रों ने क्या बताया?
निकाले गए लोगों में शामिल इंजीनियरिंग के छात्र सैयद फाजिल ने बताया, “तेहरान में लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं लेकिन अब हम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हम कुम पहुंच गए हैं।”
एक बयान में, एसोसिएशन जिसने बार-बार भारतीय सरकार से हस्तक्षेप की अपील की थी, ने दूतावास का आभार व्यक्त किया।
ईरान और खाड़ी क्षेत्र के कई देशों के ऊपर का हवाई क्षेत्र 28 फरवरी से बंद है। गौरतलब है कि ईरान में युद्ध के हालात बने हुए हैं। बीते दिनों अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया जिसमें सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई अन्य बड़े नेता मारे गए।
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यह हमला 28 फरवरी को हुआ था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमलों में अमेरिका की भूमिका की पुष्टि करते हुए कहा था कि अमेरिका ने ईरान में ‘बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान’ शुरू कर दिए हैं। वहीं, पेंटागन ने बताया है कि ईरान के खिलाफ ऐक्शन को ऑपरेशन एपिक फरी (Operation Epic Fury) नाम दिया गया है। दूसरी ओर शनिवार को तेहरान में कई धमाकों की आवाज सुने जाने के बाद इजराइल ने भी कहा कि उसने ईरान पर ‘प्रिवेंटिव’ मिसाइल स्ट्राइक की है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इजराइली हमले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास हुए।
अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को ईरान का अंतरिम सुप्रीम लीडर बनाया गया है। अमेरिका-इजरायल के हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद ये फैसला लिया गया। संवैधानिक प्रक्रिया से खामेनेई के उत्तराधिकारी चुने जाने तक अराफी इस पर पर रहेंगे।

