तेहरान/वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिनों तक कोई हमला नहीं करने की घोषणा के बीच एक रिपोर्ट में ईरान के दो उर्जा केंद्रों पर हमले का दावा किया गया है।
ईरान के अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’, जिसे रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के करीब माना जाता है, ने दावा किया कि इस्फहान में प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे और खुर्रमशहर पावर प्लांट की गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया है।
उधर, अमेरिका के टेक्सास में ‘वेलेरो एनर्जी’ द्वारा संचालित देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक में सोमवार शाम एक जोरदार धमाके की खबर है। इस विस्फोट के बाद रिफाइनरी से काले धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती देखी गईं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आस-पास के निवासियों के लिए ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ (घरों के भीतर रहने) का आदेश जारी किया है।
विस्फोट 23 मार्च को स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 7:22 बजे हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाका इतना जोरदार था कि इससे आस-पास के घर हिल गए।
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5 दिन के लिए ईरान पर हमले टले
यह खबर ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को दी गई 48 घंटे की समयसीमा को 5 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी टीम, जिसमें उनके दामाद जारेड कुशनर और दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हैं, एक सम्मानित ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रही है।
ट्रंप ने टेनेसी में कहा, “ईरान शांति चाहता है और वे परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गए हैं। इस सप्ताह समझौता होने की बहुत अच्छी संभावना है।” ट्रंप के इस नरम रुख के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई और शेयर बाजारों में उछाल भी आया।
ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा और “नो एनरिचमेंट” की शर्त पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संभावित समझौता इजराइल, सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों के लिए फायदेमंद होगा।
राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि डील होने पर अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण ले सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी पीछे धकेल दिया है। हालांकि, ट्रंप ने परिणाम को लेकर अनिश्चितता जताते हुए कहा कि “कोई गारंटी नहीं है”, लेकिन समझौते की वास्तविक संभावना मौजूद है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता होता है तो वैश्विक तेल बाजार पर इसका तत्काल असर पड़ेगा और कीमतों में गिरावट आ सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप का यू-टर्न, ईरान पर 5 दिनों के लिए टाला हमला
ईरान ने बातचीत से किया इनकार
हालांकि, ट्रंप के इन दावों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि “अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने के लिए ‘फेक न्यूज’ का सहारा लिया जा रहा है।” ईरान का कहना है कि वे अपनी संप्रभुता और यूरेनियम संवर्धन के अधिकार से कोई समझौता नहीं करेंगे।
वहीं, ईरानी एजेंसी द्वारा किए गए हवाई हमलों के दावों पर फिलहाल अमेरिका या इजराइल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या ये केंद्र विशेष रूप से लक्षित थे या आसपास के अन्य ठिकानों पर हुए हमलों के कारण इन्हें नुकसान पहुँचा है। जानकारों का मानना है कि ‘फार्स’ की यह रिपोर्ट ट्रंप के उस दावे को चुनौती देने के लिए जारी की गई है जिसमें उन्होंने ईरान के झुकने और समझौते की बात कही थी।
गौरतलब है कि अब तक इस युद्ध में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर 5 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया और बातचीत सफल नहीं हुई, तो वे ईरानी पावर प्लांट्स को मिटा देने के अपने फैसले पर अडिग रहेंगे।

