तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली होसैनी खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामिक शासन के खिलाफ तेहरान में विरोध प्रदर्शन एक बार फिर तेज हो गए हैं। ताजा हालात ये है कि राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प की खबरें हैं। लोग गिरती हुई अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई से नाराज हैं। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ईरान को धमकी दी है।
इन प्रदर्शनों के बीच देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट की खबर सामने आई है। सामने आई जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के नेतृत्व वाली ईरान की सरकार ने प्रदर्शन तेज होने पर देश का इंटरनेट और इंटरनेशनल टेलीफोन कॉल भी काट दिए हैं। ऐसी भी आशंकाएं जताई जा रही हैं कि सैटेलाइट सिग्नल को भी रोका जा सकता है ताकि तेज प्रदर्शन और अशांति की फुटेज बाहरी दुनिया तक नहीं पहुंचे।
निर्वासित क्राउन प्रिंस पहलवी के आरोप
इन हंगामों के बीच निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने मौजूदा सरकार की कार्रवाई की निंदा की और उस पर लाखों ईरानियों को जानबूझकर चुप कराने का आरोप लगाया, जो राजनीतिक और आर्थिक बदलाव की मांग कर रहे है। पहलवी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘आज रात लाखों ईरानियों ने अपनी आजादी की मांग की। जवाब में, ईरान की सरकार ने सभी कम्युनिकेशन लाइनें काट दी हैं। उसने इंटरनेट बंद कर दिया है। उसने लैंडलाइन काट दी हैं। वह सैटेलाइट सिग्नल को जाम करने की कोशिश भी कर सकती है।’
पहलवी ने ईरानी नेतृत्व के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया, और यूरोपीय नेताओं से वॉशिंगटन का साथ देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मैं आजाद दुनिया के नेता, राष्ट्रपति ट्रंप को इस बात के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने शासन को जवाबदेह ठहराने के अपने वादे को दोहराया है। अब समय आ गया है कि दूसरे लोग, जिनमें यूरोपीय नेता भी शामिल हैं, उनका साथ दें, अपनी चुप्पी तोड़ें, और ईरान के लोगों के समर्थन में ज्यादा मजबूती से कदम उठाएं।’
बता दें कि क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के पिता और ईरानी राजशाही के अंतिम शासक मोहम्मद रेजा पहलवी के शासन को 1979 में देश में इस्लामिक क्रांति से उखाड़ फेंका गया था। उस समय रेजा पहलवी को देश छोड़कर भागना पड़ा था। उनका निधन 1980 में मिस्र में हो गया था। मौजूदा जारी प्रदर्शनों के बीच पहलवी शासन के लौटने के भी नारे लगाए जा रहे हैं।
ट्रंप की खामेनेई प्रशासन को धमकी
इससे पहले ट्रंप ने ईरान के मौजूदा शासन को कड़ी चेतावनी दी है, और धमकी दी है कि अगर सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जानलेवा बल का इस्तेमाल करते हैं तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। ट्रम्प ने कंजर्वेटिव रेडियो होस्ट ह्यू हेविट के साथ एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैंने उन्हें बता दिया है कि अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं, जैसा कि वे अपने दंगों के दौरान करते हैं – उनके यहां बहुत दंगे होते हैं – अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे।’
इससे पहले ट्रुथ सोशल पर एक अलग पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, ‘अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिंसक रूप से कुचलता है, जो उनकी आदत है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। हम पूरी तरह तैयार हैं और कार्रवाई के लिए तैयार हैं।’

