नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग-2026 (IPL) के चौथे दिन मंगलवार को न्यू चंडीगढ़ में गुजरात टाइटन्स और पंजाब किंग्स के बीच हुए मैच में एक अजीबोगरीब वाकया देखने को मिला। यह सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। दरअसल, मैच के बीच में गुजरात टाइटन्स के बल्लेबाज राहुल तेवतिया को अपना बल्ला बदलना पड़ा। अंपायरों ने मैच के बीच में बल्ले को मापा और फिर उन्हें तत्काल बैट बदलने को कहा। ऐसा इसलिए क्योंकि तेवतिया का बल्ला माप परीक्षण में नियमों के अनुसार खरा नहीं उतरा।
यह सबकुछ गुजरात की पारी के आखिरी ओवर से ठीक पहले हुआ, जब वाशिंगटन सुंदर के आउट होने के बाद तेवतिया बल्लेबाजी करने आए। जैसे ही उन्होंने बल्लेबाजी के लिए हाथ उठाया, मैदान पर मौजूद अंपायरों ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने उनके बल्ले का आकार देखा और उसे ‘बैट गेज’ से मापा। यह एक मानक प्रक्रिया है जिसका उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि बल्ला निर्धारित मापों के अनुरूप हो।
IPL 2026: टेस्ट में फेल हुआ राहलु तेवतिया का बल्ला
अंपायरों ने जब ‘बैट गेज’ से बल्ले को मापा तो पाया कि वह नियमों के अनुरूप नहीं है। इसके बाद तेवतिया को एक भी गेंद का सामना किए बगैर पहले बल्ला बदलने के लिए कहा गया। नया बल्ला मिलने के बाद तेवतिया ने चौके सहित 10 गेंदों में नाबाद 11 रन बनाए, जिससे गुजरात ने 20 ओवरों में 6 विकेट गंवाकर 162 रन बनाए।
मुकाबले लायक स्कोर बनाने के बावजूद शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम को हार का सामना करना पड़ा। पंजाब ने रोमांचक मुकाबले में 19.1 ओवर में ही जीत हासिल कर ली। गिल ने बाद में स्वीकार किया कि उनकी टीम बल्लेबाजी में कमतर रही और इससे ज्यादा रन बनाए जा सकते थे।
क्या है बल्ला मापने का नियम, कैसा होना चाहिए बैट?
यह नियम खिलाड़ियों को बड़े आकार के बल्ले के इस्तेमाल से रोकने के लिए है। आईपीएल मैचों में लगभग हर बल्लेबाज का बल्ला मापने या उसे जांचने का नियम 2025 में प्रमुखता से लागू हुआ था। आईपीएल में पहले भी बैट चेक किया जाता था। हालांकि, पिछले दो साल में लगभग हर आईपीएल बल्लेबाज को गार्ड लेने से पहले बल्ले को एक गेज (बैट चेक करने का एक उपकरण) से गुजारना होता है। फोर्थ अंपायर मैदान में प्रवेश करने से पहले सलामी बल्लेबाजों के बल्ले की जाँच करते हैं। इसके बाद अमूमन हर आने वाले बल्लेबाज को मैदानी अंपायर द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ‘बैट गेज’ से अपना बल्ला चेक कराना होता है।
बल्ला मापने वाला ‘गेज’ त्रिकोण के आकार का होता है। यह प्लास्टिक का बना होता है, जिस पर नियमों के अनुरूप वाले बल्ले कैसे होने चाहिए, इसकी जानकारी छपी होती है। इसे बैट पर लगाकर उसकी वैधता चेक की जाती है। इसमें से बल्ले जो गुजारा जाता है। नियमों के अनुसार बल्ले की डेप्थ 2.68 इंच, चौड़ाई 4.33 इंच, किनारे 1.61 इंच मोटे होने चाहिए। ऐसे ही बल्ले के निचले नॉन-हिटिंग साइड (पीछे का हिस्सा) पर दिखने वाला कर्व या उभार 0.20 इंच के भीतर होना चाहिए। बैट की लंबाई 38 इंच होनी चाहिए। साथ ही नियम है कि बैट लकड़ी का होना चाहिए।
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