नई दिल्ली: वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले ही दिन महंगाई का झटका लगा है। पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के बीच कमर्शियल LPG के दाम 195 रुपये से अधिक बढ़ा दिए गए हैं। दूसरी ओर आने वाले दिनों में देश में हवाई यात्रियों को भी अपनी जेब और ढीली करनी पड़ सकती है। ईरान युद्ध बीच अप्रैल माह के लिए जेट ईंधन की कीमतें दोगुनी से भी अधिक हो गई हैं, जिससे भारतीय एयरलाइंस पर अब भारी दबाव होगा।
तेल कंपनियों ने बुधवार तड़के अप्रैल माह के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों की घोषणा की। इसमें घरेलू उड़ानों के लिए लगभग 115% और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लगभग 107% की वृद्धि हुई है। रुपये का लगातार गिरता स्तर एयरलाइंस पर बोझ बढ़ा रहा है, क्योंकि उनकी अधिकांश लागतें डॉलर में हैं।
कमर्शियल LPG 195 रुपये महंगा
सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों (आयल पीएसयूएस) ने 1 अप्रैल से अपने 19 किलो वाले LPG सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। अब दिल्ली में इस सिलेंडर का दाम बढ़ कर 1883 रुपये से बढ़कर 2078.50 रुपये हो गया है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 1 मार्च को 1768.50 रुपये थे, जो 7 मार्च को बढ़कर 1883 रुपये हो गए थे। इसके बाद अब 195.50 रुपये बढ़कर 2078.50 हो गए हैं। यानी 1 मार्च से अब तक 310 की कुल बढ़ोतरी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, कोलकाता में आज से 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2208.00 रुपये, मुंबई में 2031.00 रुपये और चेन्नई में 2246.50 रुपये हो गई है।
हालांकि, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। घरेलू एलपीजी के दामों में पिछले महीने 7 मार्च को 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि होटल और रेस्टोरेंट संचालक खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ा सकते हैं। इसका मतलब है कि होटल या बाहर खाना महंगा हो सकता है।
विमान किराये में तेज वृद्धि के आसार
बात विमानों के लिए ईंधन की करें तो भारत के सबसे व्यस्त विमानन केंद्र दिल्ली स्थित इंदिया गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) में एक किलो लीटर (KL या 1,000 लीटर) एटीएफ की कीमत अब 2,07,341.22 रुपये हो गई है, जो पिछले महीने के 96,638.14 रुपये से 114.5% अधिक है।
यह पहली बार है जब इस परिष्कृत केरोसिन की कीमत दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में 2 लाख रुपये के पार पहुंच गई है। एटीएफ विमानों को गुरुत्वाकर्षण के नियमों का उल्लंघन करने में सक्षम बनाने वाले
भारत के दूसरे सबसे व्यस्त विमानन केंद्र मुंबई स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट में भी इसकी कीमत पिछले महीने के 90,451.87 रुपये से बढ़कर अप्रैल में 194,968.67 रुपये हो गई है। यह 115% की वृद्धि है।
इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए एटीएफ कीमतों ने भी भारत में पहली बार 1,000 डॉलर के आंकड़े को पार कर लिया है। अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली में एक किलो लीटर एटीएफ की कीमत अब 1,690.81 डॉलर होगी, जो पिछले महीने के 816.91 डॉलर से 107% अधिक है।
गौर करने वाली बात ये भी है कि अप्रैल और मई 2024 में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमत 900 डॉलर से अधिक थी। लेकिन उस समय, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 83-84 के स्तर पर थी। अब रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर 95 के करीब है।
एयरलाइंस अब क्या करेंगी?
माना जा रहा है कि परिचालन लागत में वृद्धि को देखते हुए एयरलाइंस किराया बढ़ाएंगी। इससे मांग पर असर भी पड़ने की आशंका है और लोग अपनी उड़ानों में कटौती कर सकते है। फिलहाल एयरलाइंस हर रूट पर बारीकी से नजर रख रही हैं कि क्या उस पर परिचालन से उन्हें आर्थिक रूप से फायदा हो रहा या नहीं। इंडिगो, एयर इंडिया समूह और अकासा जैसी एयरलाइंस ने पिछले महीने फ्यूल सरचार्ज लगाया या बढ़ाया था। अब इसमें और संशोधन किया जा सकता है।
इससे पहले घरेलू उड़ानों के लिए 18,000 रुपये की किराया सीमा 21 मार्च, 2026 को हटा दी गई थी। चूंकि एयरलाइंस को एटीएफ उत्पाद शुल्क (केंद्र सरकार से) या वैट (दिल्ली और मुंबई जैसे कुछ स्थानों से) पर कोई वित्तीय राहत नहीं मिली है। इसलिए उन्होंने सरकार से अनुरोध किया था कि हवाई किराये पर सीमा तभी लगाई जाए जब उनकी लागत पर भी इसी तरह की सीमा लगाया जाना संभव हो सके।
सरकार ने कमर्शियल LPG और एटीएफ की बढ़ी कीमतों पर क्या कहा?
बढ़ी हुई कीमतों के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बढ़ी हुई कीमतों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एटीएफ कीमतों पर मंत्रालय ने कहा कि भारत में इसकी कीमतें 2001 में सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दी गईं थी और अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर हर माह इसमें संशोधन होता है। मंत्रालय के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में असाधारण स्थिति के कारण, 1 अप्रैल को घरेलू बाजारों में एटीएफ की कीमत में 100% से अधिक की वृद्धि होने की आशंका थी।
अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी वृद्धि के असर से घरेलू हवाई यात्रा लागत को बचाने के लिए, पेट्रोलियम मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की तेल विपणन कंपनियों ने एयरलाइनों पर केवल आंशिक और चरणबद्ध वृद्धि, यानी 25% (केवल 15 रुपये प्रति लीटर) का बोझ डाला है। मंत्रालय ने साथ ही बताया है कि विदेशी मार्गों पर एटीएफ की कीमतों में हुई पूरी वृद्धि का भुगतान करना होगा, जो कि अन्य देशों में भुगतान की जाने वाली कीमतों के अनुरूप है।
दूसरी ओर कमर्शियल एलपीजी पर भी सरकार ने कहा कि इसे भी आमतौर पर मासिक आधार पर पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा संशोधित किया जाता हैं। सरकार ने ये भी कहा कि इनकी खपत देश में कुल एलपीजी खपत के 10% से भी कम है। असल में कमर्शियल एलपीजी का उद्योगों और होटलों, रास्तरां आदि में इस्तेमाल होता है।
मंत्रालय के अनुसार 1 अप्रैल को कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में वृद्धि सऊदी अरब में क्रॉन्ट्रैक्ट प्राइस में 44% की वृद्धि के कारण हुई है। मार्च में यह 542 डॉलर प्रति मीट्रिक टन था जो अप्रैल में बढ़कर 780 डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गया क्योंकि वैश्विक एलपीजी आपूर्ति का 20-30% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मूज में फंसा हुआ है। सरकार ने कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद घरेलू एलपीजी के दाम अभी नहीं बढ़ाए गए हैं। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों के लिए भी अभी प्रति सिलेंडर दाम 613 रुपये हैं, और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
पेट्रोलियन मंत्रालय ने ये भी बताया कि मौजूदा कीमतों पर, तेल और गैस कंपनियां प्रति सिलेंडर 380 रुपये की कम वसूली कर रही हैं। मई के अंत तक कुल घाटा लगभग 40,484 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। पिछले साल भी, 60,000 करोड़ रुपये के कुल घाटे में से 30,000 करोड़ रुपये सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने और 30,000 करोड़ रुपये भारत सरकार ने वहन किए, ताकि भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की ऊंची कीमतों से बचाया जा सके।
मंत्रालय ने एक्स पर किए गए पोस्ट में दूसरे पड़ोसी देशों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दाम का भी जिक्र किया है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान में 1,046 रुपये, श्रीलंका में 1,242 रुपये और नेपाल में 1,208 रुपये की तुलना में भारत में घरेलू एलपीजी की कीमत दुनिया में सबसे कम है।
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