इंडिगो संकट के बीच केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इंडिगो की विंटर फ्लाइट शेड्यूल में कटौती की जाएगी और खाली होने वाले स्लॉट अन्य एयरलाइनों को दिए जाएंगे। एक बार जब एयरलाइन यह साबित कर देगी कि वह इन रूट्स पर उड़ानें चला सकती है, तो रूट्स बहाल किए जा सकते हैं।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मंगलवार को बताया कि 1 दिसंबर 2025 से लगातार हो रही बड़े पैमाने की उड़ान रद्दीकरण के बाद इंडिगो की फ्लाइट शेड्यूल में 5 फीसदी कटौती की गई है। डीजीसीए ने एयरलाइन को बुधवार शाम 5 बजे तक संशोधित शेड्यूल जमा करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले एक हफ्ते से ये संकट बरकरार है। सोमवार को भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और करीब 500 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दिल्ली में 152 और बेंगलुरु में 121 उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं।
चेन्नई में 81, हैदराबाद में 58, मुंबई में 31, लखनऊ में 26 और अहमदाबाद में 16 उड़ानें रद्द हुईं। संकट को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय आज सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ समीक्षा बैठक कर रहा है। सूत्रों के अनुसार बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी स्थिति दोबारा न पैदा हो।
दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में नायडू ने सोमवार को बताया कि मंत्रालय इंडिगो की शीतकालीन उड़ान अनुसूची में कटौती करेगा और स्लॉट्स का पुनः आवंटन करेगा। उन्होंने बताया कि 9,000 फंसे बैगों में से 6,000 यात्रियों तक पहुंचाए जा चुके हैं और बाकी मंगलवार सुबह तक पहुंच जाएंगे।
स्थिति की पूरी समीक्षा के लिए नायडू सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई थी जिसमें हालात का विस्तृत आकलन किया गया। सोमवार रात हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को हवाई अड्डों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेने और यात्री सेवाओं की गुणवत्ता की जांच करने का निर्देश दिया गया है। यात्रियों की शिकायतों सहित किसी भी कमी को तुरंत ठीक करने को कहा गया है।

DGCA ने इंडिगो CEO को तलब किया
सूत्रों के मुताबिक डीजीसीए की हाई-लेवल कमेटी ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स समेत शीर्ष अधिकारियों को बुधवार को तलब किया है। डीजीसीए को एयरलाइन का शो-कॉज नोटिस का जवाब मिल गया है, जिसमें इंडिगो ने असुविधा के लिए गहरी खेद जताया है और कहा है कि यह संकट कई कारकों के एक साथ और अचानक प्रभाव के कारण पैदा हुआ।
इंडिगो ने अधिक समय मांगते हुए कहा कि विस्तृत रूट-कॉज विश्लेषण अब भी जारी है। एयरलाइन ने दावा किया है कि वह पूर्ण रिकवरी की ओर बढ़ रही है और ग्राहकों की मदद युद्ध स्तर पर की जा रही है। कंपनी के अनुसार 1–7 दिसंबर के बीच 9,500 से ज्यादा होटल रूम और लगभग 10,000 कैब व बसों की व्यवस्था कर यात्रियों को राहत दी गई। 4,500 से ज्यादा बैग यात्रियों को लौटा दिए गए हैं और बाकी 36 घंटों में पहुंचा दिए जाएंगे।
क्रू रेस्ट नियमों पर मंत्री ने क्या कहा?
राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में नायडू ने कहा कि यह पूरा संकट इंडिगो की आंतरिक संचालन व्यवस्था की समस्या से जुड़ा है, खासकर क्रू रोस्टरिंग और प्लानिंग से। उन्होंने कहा कि फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम सभी पक्षों से चर्चा के बाद लागू किए गए हैं और एयरलाइन ने एक दिसंबर की बातचीत में भी किसी परेशानी का संकेत नहीं दिया था।
अप्रैल में, उच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के तहत इसे लागू किया गया है। कुल 22 एफडीटीएल नियम थे, जिसमें से 15 एक जुलाई से और बाकी सात एक नवंबर से लागू हुए हैं। तब से लेकर डीसीसीए एफडीटीएल नियमों पर सभी एयरलाइन से बातचीत कर रहा था। इसे लेकर एक दिसंबर को इंडिगो के साथ भी बातचीत हुई थी, क्योंकि वे नियमों पर कुछ स्पष्टीकरण चाहते हैं, लेकिन इन दौरान भी उन्होंने इस समस्या का जिक्र नहीं किया है और हर चीज सामान्य थी।
उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही तीन दिसंबर को यह समस्या सामने आई, मंत्रालय ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिया है। हमने हवाई अड्डों पर स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया है। हमने सभी पक्षकारों से परामर्श किया है और फिर आपने देखा होगा कि उन दो दिनों में हालात कैसे बदल गए। हालांकि, यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर
जारी संकट को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है जिसपर बुधवार को सुनवाई होगी। याचिका में फंसे यात्रियों को तुरंत सुविधाएं देने, एयरलाइन की जिम्मेदारी तय करने और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
सरकार के अनुसार 1–7 दिसंबर के बीच 5.86 लाख पीएनआर रद्द किए गए और यात्रियों को 569 करोड़ रुपये वापस किए गए। 21 नवंबर से 7 दिसंबर तक कुल 9.55 लाख पीएनआर रद्द किए गए, जिनमें 827 करोड़ रुपये का रिफंड शामिल है। स्थिति पर सरकार की निगरानी बढ़ाई गई है और मंत्रालय के 10 अधिकारी अगले 2–3 दिन विभिन्न हवाई अड्डों पर तैनात रहेंगे ताकि यात्रियों को तुरंत सहायता मिल सके।
गौरतलब है कि भारत में संचालित करीब 1,200 घरेलू मार्गों में से इंडिगो अकेले 950 से ज्यादा मार्गों पर उड़ानें चलाती है। इनमें से लगभग 600 मार्ग, यानी करीब 63 फीसदी, ऐसे हैं जहां उसका पूरी तरह से एकाधिकार है। इसके अलावा करीब 200 मार्ग (21 फीसदी) ऐसे हैं जो द्विध्रुवीय हैं, यानी वहां इंडिगो के सामने सिर्फ एक ही प्रतिद्वंद्वी मौजूद है। ये आंकड़े विमानन विश्लेषक और पूर्व नेटवर्क योजनाकार अमेय जोशी के आंकड़ों पर आधारित हैं।

