नई दिल्लीः भारतीय दूरसंचार मंत्रालय साल 2025 के अंत में एक समीक्षा जारी की है जिसके मुताबिक, इस क्षेत्र ने साल 2025 में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। दूरसंचार विभाग ने डिजिटल कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे के विस्तार और प्रौद्योगिकी आत्मनिर्भरत में प्रमुख लाभ दर्ज किए।
इस वर्ष की एक महत्वपूर्ण घटना साल की शुरुआत में हुई थी जब जनवरी महीने में राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (एनबीएम) 2.0 शुरू किया गया था।
एनबीएम पहल का क्या है उद्देश्य?
एनबीएम पहल का उद्देश्य गांवों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड की पहुंच का विस्तार करके डिजिटल समावेशन को गति देना है जो 2047 तक विकसित भारत के सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण का समर्थन करता है।
विभाग द्वारा जारी की गई समीक्षा में इंटरनेट और मोबाइल उपयोग में तीव्र वृद्धि पर प्रकाश डाला गया। इससे कुल इंटरनेट कनेक्शनों की संख्या 100 करोड़ के पार पहुंच गई है। यह संख्या 2014 की तुलना में चार गुना अधिक है।
भारत में ब्रॉडबैंड सब्सक्रिप्शन की संख्या भी 100 करोड़ के करीब पहुंच गई जबकि प्रति वायरलेस उपयोगकर्ता औसत मासिक डेटा खपत बढ़कर 24 जीबी हो गई। इससे भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक डेटा खपत करने वाले देशों में शामिल हो गया है।
यह भी पढ़ें – फेसबुक पर दो से ज्यादा लिंक वाले पोस्ट के लिए जल्द देने पर सकते हैं पैसे, Meta कर रहा टेस्टिंग
मोबाइल ब्रॉडबैंड की औसत गति में भी तेजी से वृद्धि हुई और अक्तूबर 2025 तक 130 एमबीपीएस से अधिक हो गई। 5जी सुविधाओं का शुभारंभ इस वर्ष देशव्यापी स्तर पर हुआ जो कि बड़ी उपलब्धि है। यह सेवाएं अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध हैं। यह 99.9 प्रतिशत जिलों को कवर करती हैं और लगभग 85 फीसदी आबादी तक पहुंच चुकी हैं।
दूरसंचार ऑपरेटरों ने 2019 से ऑप्टिकल फाइबर केबल की लंबाई दोगुनी होने के कारण 5 लाख से अधिक 5जी बेस स्टेशन स्थापित किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। साल 2014 से ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन कनेक्शनों में लगभग 43 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह शहरी क्षेत्रों में हुई वृद्धि से दोगुनी है। सितंबर महीने तक कुल टेली-डेंसिटी 86.65 फीसदी तक पहुंच गई।
दूरसंचार क्षेत्र को हासिल हुई एक और उपलब्धि
दूरसंचार क्षेत्र में इस साल एक और उपलब्धि हासिल हुई, जब भारत को स्वदेशी 4जी प्रौद्योगिकी स्टैक विकसित करने में सफलता हासिल हुई। दुनियाभर में ऐसा करने के मामले में भारत पांचवे स्थान पर है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सी डॉट तेजस नेटवर्क्स और टीसीएस द्वारा निर्मित और बीएसएनएल द्वारा तैनात की गई यह प्रणाली पूरी तरह से सॉफ्टवेयर आधारित है और इसे 5 जी में अपग्रेड किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें – इंस्टाग्राम रील अब टीवी पर भी देख सकेंगे, मेटा ने उठाया बड़ा कदम; यूट्यूब से मुकाबले की तैयारी
इन उपलब्धियों के साथ ही 6जी मिशन में भी प्रगति देखी गई। नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में संचार साथी जैसे प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया गया। इस प्लेटफॉर्म पर करीब 22 करोड़ बार विजिट किया गया।

