Share Market Update: पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य संकट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में हड़कंप मचा दिया है। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार भारी बिकवाली के दबाव में लाल निशान के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी 2 प्रतिशत से ज्यादा फिसल गए।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 872 अंक गिरकर 72,262 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 296 अंक टूटकर 22,383 पर आ गया। बैंक निफ्टी भी 823 अंक गिरकर 50,625 पर खुला। सुबह करीब 9:30 बजे तक गिरावट और गहराती दिखी, सेंसेक्स 1,300 अंकों से ज्यादा टूटकर 71,700 के करीब पहुंच गया, वहीं निफ्टी भी करीब 440 अंक गिरकर 22,240 के आसपास कारोबार करता दिखा।
Share Market: हर सेक्टर में बिकवाली
बाजार में बिकवाली व्यापक रही। निफ्टी के सभी सेक्टर लाल निशान में रहे। पीएसयू बैंक, रियल्टी, ऑटो, फार्मा, मेटल और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 2% से ज्यादा की गिरावट आई। एफएमसीजी और आईटी में अपेक्षाकृत कम गिरावट रही।
व्यापक बाजारों में भी कमजोरी दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 2.7% और स्मॉलकैप 100 लगभग 2.8% तक फिसल गया। निफ्टी-50 के सभी शेयर नुकसान में रहे, जिनमें सन फार्मा, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, एसबीआई, एमएंडएम और इंडिगो जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।
तेल की कीमतों में उछाल
गौरतलब है कि बाजार में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है। ट्रंप ने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर कड़े हमले करेगा। इस बयान से पश्चिम एशिया में युद्धविराम की उम्मीदें कमजोर पड़ी हैं, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ी है।
ट्रंप के संबोधन के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 4% से ज्यादा चढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI भी 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गया। तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ाने वाली मानी जाती हैं।
जहां एक ओर पूरा बाजार दबाव में रहा, वहीं 50 रुपये से कम कीमत वाला स्मॉलकैप स्टॉक राठी स्टील एंड पावर इस गिरावट के बीच भी मजबूती दिखाता नजर आया। कंपनी का शेयर 1.35% बढ़कर 15 रुपये तक पहुंच गया।
कंपनी ने मार्च तिमाही (Q4 FY26) में 244.8 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 63.5% ज्यादा है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की आय 716.7 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल के मुकाबले 41.8% की वृद्धि दर्शाती है। कंपनी के मुताबिक, यह प्रदर्शन वैश्विक भू-राजनीतिक दबावों के बावजूद हासिल हुआ है।
हालांकि, लंबी अवधि में यह शेयर मल्टीबैगर रहा है, जिसने 5 साल में 600% से ज्यादा रिटर्न दिया है, लेकिन हाल के महीनों में इसमें भारी गिरावट भी देखी गई है।
कमोडिटी बाजार में भी उतार-चढ़ाव जारी है। एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में ऊपरी स्तरों पर कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, 1.52 लाख रुपये के ऊपर मजबूती मिलने पर तेजी आ सकती है, जबकि 1.50 लाख के नीचे फिसलने पर मुनाफावसूली बढ़ सकती है और कीमतें 1.48–1.46 लाख के दायरे तक आ सकती हैं।

