नई दिल्लीः ईरान समेत पूरे पश्चिमी एशिया में जारी संकट का असर पूरी दुनिया में देखा जा रहा है। इस बीच भारत सरकार ने देश के कई हिस्सों में व्यावसायिक उपयोग के लिए तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सिलेंडरों की कमी की खबरों के मद्देनजर शिकायत निवारण समिति का गठन किया है और इसकी आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं।
भारत सरकार द्वारा यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया से आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हो रही हैं।
भारत सरकार ने गठित किया तीन सदस्यीय पैनल
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि तीन सदस्यीय पैनल में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक शामिल हैं।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि ” वैश्विक ईंधन आपूर्ति को प्रभावित करने वाली मौजूदा भू-राजनीतिक बाधाओं के मद्देनजर, एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं और अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए इसकी उपलब्धता को प्राथमिकता देने के लिए कदम उठाए गए हैं। “
होटल और रेस्तरां जैसे गैर-घरेलू क्षेत्र जिन्हें “आवश्यक” श्रेणी में नहीं रखा गया है, उनके अनुरोधों की समीक्षा इस समिति द्वारा “योग्यता, आवश्यकता और उत्पाद की उपलब्धता” के आधार पर की जाएगी। इस बीच होटल और रेस्तरां बिजनेस एलपीजी से जुडे़ संकट का सामना कर रहा है।
मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु समेत अन्य शहरों में होटल बिजनेस संकट का सामना कर रहे हैं और यहां पर बंदी देखी जा रही है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की खबर के मुताबिक, इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (AHAR) ने कमर्शियल सिलेंडर्स की कमी पर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने कहा है कि कमर्शियल सिलेंडर्स की भारी कमी हो गई है। इस वजह से करीब 20 फीसदी होटल और रेस्तरां को अपना संचालन बंद करना पड़ा है। साथ ही आहार ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर समाधान की मांग की है। वहीं, गैस संकट को लेकर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल आज महाराष्ट्र के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल से मुलाकात करेगा।
AHAR के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने चेतावनी दी कि यदि अगले 72 घंटों के भीतर आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो मुंबई के 50 फीसदी तक रेस्तरां बंद हो सकते हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। भारत भी अपनी एलपीजी गैस का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है, इसलिए आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। मुंबई के होटल-रेस्टोरेंट के सामने यह संकट कई सालों के बाद खड़ा हुआ है।
HPCL ने साझा की ईमेल आईडी
इस बीच एचपीसीएल ने तीन ईमेल आईडी भी साझा की हैं, जहां “अन्य क्षेत्रों की आवश्यक आवश्यकताओं” के लिए आवेदन भेजे जा सकते हैं: edlpg@bharatpetroleum.in, indanecareho@indianoil.in और lpg.sbu.head@hpcl.in।
एएनआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि “रेस्तरां संघों की व्यावसायिक एलपीजी की वास्तविक आवश्यकता को पूरा किया जाएगा और यह समिति आवश्यकताओं के अनुसार आपूर्ति को पुनः प्राथमिकता भी देगी।”
होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग है इसका कारण
गौरतलब है कि इस पूरे मामले की जड़ में होर्मुज जलडमरूमध्य है। यह एक समुद्री मार्ग है जिसे ईरान ने कथित तौर पर बंद कर दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स ने सरकारी सूत्रों के हवाले से लिखा कि भारत अब अपने कच्चे तेल की 70% आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के स्रोतों से प्राप्त कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने परिष्कृत तेल के निर्यात पर रोक लगाने का कोई निर्णय नहीं लिया है। हाल ही में तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत के पास एलपीजी जैसे पेट्रो-उत्पादों का पर्याप्त भंडार है।
इस बीच केंद्र सरकार ने घरेलू खाना पकाने की गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू कर दिया है और रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का उत्पादन अधिकतम करने और प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्रोतों को एलपीजी भंडार में भेजने का निर्देश दिया है।

