नई दिल्ली: भारत-अमेरिका संबंधों को ‘इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारी’ बताते हुए नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि ट्रेड डील पर दोनों पक्षों के लोग मंगलवार को बात करेंगे। साथ ही गोर ने कहा कि भारत को पैक्स सिलिका (Pax Silica) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जो जरूरी मिनरल्स सप्लाई चेन पर अमेरिका के नेतृत्व वाला गठबंधन है।
गोर शुक्रवार देर रात भारत पहुंचे थे और उन्होंने सोमवार को भारत में अमेरिकी राजदूत के तौर पर पदभार संभाला।
उन्होंने कहा, ‘असल में व्यापार पर अगली बातचीत कल होगी। याद रखें, भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए इसे अंजाम तक पहुंचाना आसान काम नहीं है, लेकिन हम वहां पहुंचने के लिए दृढ़ हैं, और जबकि व्यापार हमारे संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, हम सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम करना जारी रखेंगे।’
बता दें कि पैक्स सिलिका एक अमेरिकी नेतृत्व वाली रणनीतिक पहल है जिसका मकसद महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा से लेकर नए उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, AI, डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स तक एक सुरक्षित, समृद्ध और इनोवेशन-आधारित सिलिकॉन सप्लाई चेन बनाना है। पिछले महीने इसमें शामिल होने वाले देशों में जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इजराइल जैसे नाम हैं।
गोर ने कहा, ‘आज, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अगले महीने भारत को इन देशों के समूह में पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।’
‘ट्रेड डील पर बातचीत जारी है…’
गोर के यह बयान अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर धीमी गति से काम करने के लिए भारत को दोषी ठहराए जाने के कुछ दिनों बाद आया है। गोर ने कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत न केवल साझा हितों से, बल्कि उच्चतम स्तर पर स्थापित संबंधों से भी बंधे हुए हैं। सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन वे हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘अंत में, पिछले हफ्ते, हमारे विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने जोरदार तरीके से कहा कि यह साल आपसी सहयोग का साल होगा। हम कूटनीति के लिए ही मानक बढ़ा रहे हैं, जिसका मतलब है निष्पक्ष व्यापार, आपसी सम्मान और साझा सुरक्षा। आप में से कई लोगों ने मुझसे चल रही व्यापार समझौते की बातचीत के बारे में अपडेट पूछा है। दोनों पक्ष सक्रिय रूप से बातचीत जारी रखे हुए हैं।’
उन्होंने कहा कि वह ‘इस शानदार देश में बहुत सम्मान के साथ’ आए हैं और उनका ‘मिशन हमारे दो महान देशों के बीच साझेदारी को अगले लेवल पर ले जाना है।’
गोर ने बताया कि वह ‘पहली बार 2013 में भारत आए थे, जब वह राजस्थान में जयपुर और रणथंभौर सहित पंजाब जैसी जगहों पर गए थे, जिसका उन पर गहरा असर हुआ था।’ उन्होंने कहा, ‘जब राष्ट्रपति ट्रंप ने मुझसे यहां आने के लिए कहा, तो मैं बहुत खुश हुआ।’
उन्होंने बताया कि वह पिछले हप्ते ट्रंप से मिले थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने फरवरी 2020 में भारत आने का अपना अनुभव और ‘भारत के महान प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी दोस्ती’ के बारे में बताया। उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति जल्द ही हमसे मिलने आएंगे, उम्मीद है अगले एक या दो साल में।’

