Saturday, November 29, 2025
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भारत 20 साल बाद करेगा कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी, 2030 में इस शहर में होगा आयोजन

Commonwealth Games 2030: कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने इसे कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के लिए नए स्वर्णिम युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि ग्लासगो 2026 की तैयारियों के बाद अब नजरें अहमदाबाद 2030 पर होंगी, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के शताब्दी संस्करण की मेजबानी करेगा।

Commonwealth Games 2030: भारत को दो दशक बाद एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली में अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए आधिकारिक होस्ट शहर घोषित कर दिया गया। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली ने इन खेलों की मेजबानी की थी। इस बार भारत की बोली का मुकाबला नाइजीरिया के अबुजा से था, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अफ्रीकी देश को 2034 एडिशन के लिए विचार में रखने का फैसला लिया।

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने इसे कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के लिए नए स्वर्णिम युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि ग्लासगो 2026 की तैयारियों के बाद अब नजरें अहमदाबाद 2030 पर होंगी, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के शताब्दी संस्करण की मेजबानी करेगा। उनके अनुसार भारत पैमाना, युवा ऊर्जा, समृद्ध संस्कृति और खेल के प्रति जुनून लेकर आता है। सभा में अहमदाबाद की घोषणा के तुरंत बाद 20 गरबा कलाकारों और 30 ढोल वादकों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर डेलीगेट्स को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा कि यह भरोसा भारत के खेल भविष्य की नई नींव है। उन्होंने कहा कि 2030 के खेल न सिर्फ कॉमनवेल्थ आंदोलन के 100 वर्ष पूरे करेंगे, बल्कि अगली शताब्दी के लिए भी रास्ता तय करेंगे। भारत को खेलों का समृद्ध इतिहास वाला देश बताते हुए कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने हालिया सफल प्रदर्शन का भी उल्लेख किया और कहा कि अहमदाबाद की बोली भारत की खेल प्रतिबद्धता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को दर्शाती है।

अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का मेजबान घोषित किए जाने के कुछ ही पल बाद, 20 गरबा डांसर और 30 भारतीय ढोल बजाने वाले जनरल असेंबली हॉल में आए और डेलीगेट्स को एक शानदार कल्चरल परफॉर्मेंस के साथ मंत्रमुग्ध कर दिया।

पीएम मोदी, अमित शाह ने जताई खुशी

अहमदाबाद को होस्ट सिटी घोषित किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ दुनिया का स्वागत करने को तैयार है। उन्होंने इसे भारत की सामूहिक प्रतिबद्धता और खेल भावना की जीत बताया, जिसने देश को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के विजन का परिणाम है, जिन्होंने भारत को ग्लोबल स्पोर्ट्स हॉटस्पॉट बनाने के लिए लगातार काम किया।

उन्होंने लिखा, “भारत के अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने की प्रतिष्ठित बोली जीतने पर प्रत्येक देशवासी को बधाई। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को एक ग्लोबल स्पोर्ट्स हॉटस्पॉट बनाने के विजन का सबूत है। एक दशक से ज्यादा की मेहनत के बाद, पीएम मोदी ने वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है और असरदार गवर्नेंस और आसान टीमवर्क के जरिए हमारे देश की क्षमता को बढ़ाया है।”

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लिखा, “आइए जश्न मनाते हैं। भारत को मिली 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी। अहमदाबाद को 2030 शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए होस्ट शहर घोषित किया गया है।”

बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने लिखा, “भारत के लिए ऐतिहासिक पल। अहमदाबाद को 2030 शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए चुना गया है, जिससे 20 साल बाद कॉमनवेल्थ भारत वापस आ रहा है। हमारी खेल यात्रा के इस नए अध्याय पर गर्व है।”

2010 के बाद से भारत में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है और अहमदाबाद को 2030 शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलना इस बदलाव का प्रमाण माना जा रहा है। गौरतलब है कि पिछली बार भारत की राजधानी नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ था। उस समय से अब तक भारत में स्पोर्ट्स इंफ्रा का तेजी से विकास हुआ है।

खिलाड़ियों में दिखा उत्साह

गुजरात में कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी की घोषणा के बाद सूरत में खेल जगत में उत्साह साफ नजर आने लगा है। युवा शटलर और टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने कहा कि यह मौका उन्हें और ज्यादा मेहनत करने की प्रेरणा दे रहा है।

राष्ट्रीय स्तर के टेबल टेनिस खिलाड़ियों को कोचिंग देने वाले वाहिद मालुभाई के मुताबिक घोषणा के बाद से ही खिलाड़ियों ने अपनी ट्रेनिंग तेज कर दी है, क्योंकि गुजरात के खिलाड़ी होम कंडीशन का फायदा उठाकर मेडल जीत सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सूरत के हरमीत देसाई के साथ मानव ठक्कर, मानुष शाह, अंकुर भट्टाचार्य और पायस जैन जैसे खिलाड़ी भारत के लिए पदक ला सकते हैं।

बैडमिंटन खिलाड़ी दिव्यजा के अनुसार पहली बार गुजरात में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है, ऐसे में युवाओं में भारी उत्साह है। टेबल टेनिस खिलाड़ी अयाज मुराद और प्रहर्ष वाला ने कहा कि यह अवसर न सिर्फ गर्व का है बल्कि युवा खिलाड़ियों को अनुभव और आगे बढ़ने का मंच भी देगा।

बैडमिंटन खिलाड़ी मनन छाबड़ा ने भी इसे बच्चों के लिए एक बेहतर प्लेटफॉर्म बताते हुए कहा कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाने के लिए वे दिन-रात मेहनत करने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि भारत ने 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित किए थे और इस बार बोली में भारत ने नाइजीरिया के अबुजा को पीछे छोड़ते हुए 2030 की मेजबानी हासिल की।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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