Friday, March 20, 2026
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श्रीलंका के साथ रक्षा सहयोग पर समझौता, दिसानायके बोले- भारत के खिलाफ नहीं होने देंगे अपनी जमीन का इस्तेमाल

कोलंबो: भारत और श्रीलंका ने शनिवार को एक व्यापक रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता और गहरे द्विपक्षीय संबंधों के लिए साझा दृष्टिकोण की बात कही गई। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ द्विपक्षीय चर्चा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों के सुरक्षा हित आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे पर निर्भर हैं। पीएम मोदी शुक्रवार शाम श्रीलंका दौरे पर पहुंचे थे।

श्रीलंका और भारत ने रक्षा सहयोग के साथ-साथ त्रिंकोमाली को उर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने सहित कई और महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यह उस समय हुआ है जब हाल के वर्षों में चीन ने श्रीलंका में अत्यधिक निवेश किया और उससे लगातार घनिष्ठता बढ़ा रहा है।

द्विपक्षीय मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया में जारी साझा बयान में कहा, ‘हमारा मानना ​​है कि हमारे सुरक्षा हित समान हैं। दोनों देशों की सुरक्षा एक दूसरे से जुड़ी हुई है और एक दूसरे पर निर्भर है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं भारत के हितों के प्रति राष्ट्रपति दिसानायके की संवेदनशीलता के लिए उनका आभारी हूं। हम रक्षा सहयोग में संपन्न महत्वपूर्ण समझौतों का स्वागत करते हैं।’

‘श्रीलंकाई जमीन से भारत के लिए कोई खतरा नहीं’

श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके ने अपने भाषण में भारत को भरोसा दिलाया कि श्रीलंका अपने भूभाग का इस्तेमाल किसी भी हाल में भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले तरीकों के लिए नहीं होने देगा। दिसानायके ने श्रीलंका के लिए अहम मौकों पर भारत की ओर से निरंतर समर्थन मिलने और एकजुटता दिखाने को लेकर भी सराहना की।

इस दौरे के दौरान दोनों देशों हस्ताक्षरित अन्य एमओयू में विद्युत के आयात/निर्यात के लिए एचवीडीसी इंटरकनेक्शन का कार्यान्वयन; डिजिटल परिवर्तन के लिए बडे स्तर पर कार्यान्वित सफल डिजिटल समाधानों को साझा करने के क्षेत्र में सहयोग, पूर्वी प्रांत के लिए बहु-क्षेत्रीय अनुदान सहायता, स्वास्थ्य-चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग और फार्माकोपिया सहयोग, शामिल हैं।

इसके अलावा त्रिंकोमाली में थिरुकोनेश्वरम मंदिर, नुवारा एलिया में सीता एलिया मंदिर और अनुराधापुरा में पवित्र शहर परिसर परियोजना के विकास के लिए भारत से अनुदान सहायता; ‘अंतरराष्ट्रीय वेसाक दिवस 2025’ पर श्रीलंका में भगवान बुद्ध के अवशेषों की प्रदर्शनी; साथ ही ऋण पुनर्गठन पर द्विपक्षीय संशोधन समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए।

दोनों नेताओं ने कृषि के क्षेत्र में उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना, दांबुला में अपनी तरह का पहला 5000 मीट्रिक टन तापमान नियंत्रित गोदाम और श्रीलंका के सभी 25 जिलों में धार्मिक स्थलों को 5000 सौर रूफटॉप यूनिट की सप्लाई का भी संयुक्त रूप से ई-उद्घाटन किया। उन्होंने 120 मेगावाट की सामपुर सौर परियोजना के शुभारंभ के लिए वर्चुअल भूमिपूजन समारोह में भी भाग लिया।

श्रीलंका ने सर्वोच्च सम्मान से भी पीएम मोदी को नवाजा

श्रीलंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘मित्र विभूषण’ से भी नवाजा है। राष्ट्रपति दिसानायके ने उन्हें यह सम्मान दिया। यह किसी विदेशी राष्ट्र की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया 22वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मान है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज राष्ट्रपति दिसानायके की ओर से ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया जाना मेरे लिए गौरव की बात है। यह सम्मान केवल मेरा सम्मान नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच ऐतिहासिक संबंधों और गहरी मित्रता का सम्मान है।’

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा, ‘…मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि श्रीलंका सरकार ने उन्हें (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को) श्रीलंका का सर्वोच्च सम्मान- श्रीलंका मित्र विभूषण प्रदान करने का निर्णय लिया …प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मान के पूर्णतः हकदार हैं; यह हमारा दृढ़ विश्वास है।’

(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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