Friday, March 20, 2026
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टैरिफ के झटकों के बाद फिर वापसी! नवंबर में भारत का अमेरिका को निर्यात 23% बढ़ा: रिपोर्ट

भारत की ओर से अमेरिका में निर्यात की यह बढ़ोतरी दो महीने की गिरावट के बाद देखी गई है। अमेरिका की ओर से भारत से आने वाले घरेलू सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद निर्यात में गिरावट शुरू हो गई थी।

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए टैरिफ और पिछले करीब दो महीनों की अनिश्चितता के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है। अमेरिका को भारत का निर्यात फिर से बढ़ गया है। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की एक रिपोर्ट के अनुसार नवंबर में अमेरिका को भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 22.61 प्रतिशत बढ़कर 6.98 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। इसके पीछे की वजह सप्लाई-चेन में बदलाव और अमेरिका में छुट्टियों के मौसम से पहले स्टॉक भरने की कवायद की वजह से ऐसा हुआ।

भारत की ओर से अमेरिका में निर्यात की यह बढ़ोतरी दो महीने की गिरावट के बाद देखी गई है। अमेरिका की ओर से भारत से आने वाले घरेलू सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद निर्यात में गिरावट शुरू हो गई थी। इस बीच अमेरिका से आयात भी 38.29 प्रतिशत बढ़कर 5.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी सेक्टर में निर्यात बढ़ा

GTRI के अनुसार अमेरिका को मुख्य निर्यात इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी जैसे सेक्टर में रहा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह रिकवरी एक सख्त टैरिफ सिस्टम के एडजस्टमेंट को दिखाती है। साथ ही इसमें कहा गया है कि हालात अभी भी नाजुक हैं, जो लंबे समय तक चलने वाले सुधार के बजाय शॉर्ट-टर्म रणनीतियों के कारण हैं।

न्यूज-18 की रिपोर्ट के अनुसार GTRI के फाउंडर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि मई और सितंबर के बीच अमेरिका को भारत के निर्यात में गिरावट की वजह शायद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत और दूसरे देशों पर ज्यादा टैक्स ड्यूटी लगाने की लगातार बयानबाजी से पैदा हुआ झटका और अनिश्चितता थी।

लगातार महीनों तक भारी गिरावट के बाद नवंबर में भारत के 85 प्रतिशत निर्यात में रिकवरी देखी गई है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स (स्मार्टफोन), रत्न और आभूषण, मशीनरी, वाहन और ऑटो कंपोनेंट, फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा और गारमेंट्स, कालीन, मिनरल फ्यूल, ऑर्गेनिक केमिकल, प्लास्टिक, रबर के सामान, मछली, डेयरी उत्पाद और खाने वाले फल और मेवे जैसे सेक्टर शामिल हैं।

नवंबर में अमेरिका को भारत का फार्मास्यूटिकल निर्यात 669.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। इसी तरह, नवंबर में रत्न और आभूषण का एक्सपोर्ट बढ़कर 406.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। वैसे GTRI ने यह भी चेतावनी दी है कि यह रिकवरी शायद लंबे समय तक जारी नहीं रहेगी।

कई व्यापार समझौतों से भारत को मिल रही ताकत

अमेरिका में निर्यात को लेकर जारी चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि भारत का वैश्विक निर्यात बढ़ा है। पिछले हफ्ते एक प्रेस रिलीज में भारत सरकार की ओर से बताया गया था कि नवंबर 2024 और नवंबर 2025 के बीच भारत का कुल निर्यात 64.05 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 73.99 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जिसमें 15.52% की मजबूत तेजी दर्ज की गई, जबकि आयात लगभग 80.63 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर स्थिर रहा। इससे व्यापार घाटे में 61.07% की बड़ी कमी आई, जो 17.06 बिलियन अमेरिकी डॉलर से घटकर 6.64 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।

सरकार के अनुसार भारत ने हाल के महीनों में कई बड़े मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं, जिनमें सबसे नया ओमान के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) है। कई दूसरे देशों के साथ भी चर्चा चल रही है। इससे फायदा मिला है। सरकार के अनुसार वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निर्यात में विविधता लाने से व्यापार में स्थिरता, प्रतिस्पर्धा और लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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