Friday, March 20, 2026
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ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के निधन पर भारत ने छह दिन बाद जताया शोक

ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के छह दिन बाद भारत ने शोक जताया है। गौरतलब है कि आयातुल्ला के निधन के बाद विक्रम मिसरी ने ईरानी राजदूत से मुलाकात की।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर भारत ने 6 दिन बाद शोक जताया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज दिल्ली में ईरान के राजदूत से मुलाकात की और खामेनेई के निधन पर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बात की है। बीते दिनों अमेरिका और इजरायल के हमलों में खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही ईरान हमलावर है। उसने मध्य पूर्व में मौजूद कई अमेरिकी एयरबेस पर हमले किए हैं।

हालिया बातचीत की जानकारी जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर दी। उन्होंने लिखा कि “आज दोपहर ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागघची के साथ टेलीकॉन हुआ।” हालांकि, दोनों के बीच क्या बात हुई, इसे लेकर फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

यह घटना ऐसे दिन घटी है, जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रैट ऑफ होर्मुज अमेरिका, इज़राइल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद है। जलमार्ग में संयुक्त राज्य अमेरिका, इजराइल, यूरोप और उनके समर्थकों से संबंधित कोई भी जहाज दिखाई देने पर उस पर निश्चित रूप से हमला किया जाएगा।

कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना

इससे पहले भारत सरकार या पीएम मोदी की तरफ से खामेनेई की हत्या पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। इसे लेकर कांग्रेस की सीनियर नेता सोनिया गांधी समेत कई लोगों ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खामेनेई की टारगेटेड हत्या पर सरकार की चुप्पी तटस्थता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है।

इंडियन एक्सप्रेस के लिए अपने एक लेख में सोनिया गांधी ने लिखा, “टाइमिंग की वजह से यह बेचैनी और बढ़ गई है। खामेनेई की हत्या से 48 घंटे पहले प्रधानमंत्री इजरायल के दौरे से लौटे थे। यहां उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के लिए अपने समर्थन को दोहराया था। जबकि गाजा संघर्ष में आम लोगों की मौतों से दुनिया भर में गुस्सा है।”

वहीं, श्रीलंका के पास भारत से लौट रहा ईरान का एक जंगी जहाज समुंदर में डूब गया। इसमें तकरीबन 87 लोगों की मौत हो गई। बाद में पता चला कि इस जहाज पर अमेरिका ने हमला किया था। इसे लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मोदी सरकार से सवाल किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने भारत के सामरिक और राष्ट्रीय हितों को बिना सोचे-समझे छोड़ दिया है।

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ये ईरानी नौसैनिक भारत में एक कार्यक्रम में आए थे, जिन्हें हमने बुलाया था और वो हमारे मेहमान थे। जब वो वापस लौट रहे थे तब अमेरिकी सबमरीन ने उनके जहाज पर हमला कर उन्हें मार दिया। लेकिन पीएम मोदी की तरफ से कोई आवाज नहीं आई। यह कायरता मंजूर नहीं है। पीएम मोदी का समझौता भारत को शर्मिंदा कर रहा है।”

बताते चलें, भारत के विशाखापत्तनम में 19 से 25 फरवरी 2026 तक इंडियन नेवी की MILAN एक्सरसाइज का 13वां एडिशन हुआ था। इसमें अमेरिका और ईरान समेत 18 देशों के वॉरशिप शामिल हुए थे। एक्सरसाइज में हिस्सा लेने वाला ईरान का IRIS Dena ईरान वापस जा रहा था। 4 मार्च को अमेरिका की एक पनडुब्बी ने उस पर हमला कर दिया। जगह श्रीलंका की जलसीमा से 40 नॉटिकल दूर थी।

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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