Friday, March 20, 2026
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‘हम दुनिया की टॉप AI शक्तियों में से एक’, भारत को ‘दूसरे स्तर’ वाला बताने पर दावोस में बोले अश्विनी वैष्णव

अश्विनी वैष्णव ने दावोस में कहा कि भारत का एआई को लेकर दृष्टिकोण बड़े पैमाने पर प्रसार पर केंद्रित है, ताकि इसका लाभ सभी उद्योगों तक पहुँचें और समाज के हर स्तर तक इसका असर दिखाई दे।

दावोस: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा है कि भारत ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पावर के मामले में ‘साफ तौर पर पहले ग्रुप में है।’ दावोस में एक चर्चा के दौरान उन्होंने इस सुझाव को सख्ती से खारिज किया कि भारत को AI के मामले में वैश्विक स्तर पर दूसरे दर्जे का खिलाड़ी माना जाना चाहिए।

वैष्णव ने ये बातें बुधवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में एक पैनल डिस्कशन के दौरान कहीं, जब वे इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा की टिप्पणियों का जवाब दे रहे थे। यह चर्चा एआई के वैश्विक असर पर थी।

IMF के आकलन को वैष्णव ने किया खारिज

सत्र के दौरान जॉर्जीवा ने कहा कि दुनिया पहले से ही AI के उदय को देख रही है, जिसमें कई उभरती हुई मार्केट वाली अर्थव्यवस्थाएं ताकत दिखा रही हैं। उन्होंने सऊदी अरब का उदाहरण दिया और कहा कि भारत भी ऐसी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, क्योंकि उसने सूचना प्रोद्योगिकी पर मजबूत दांव लगाया है। हालांकि, जॉर्जीवा ने बताया कि कम आय वाले और कई मध्यम आय वाले देश AI की दौड़ में अभी भी ‘बहुत, बहुत पीछे’ हैं।

बाद में चर्चा में एक और पैनलिस्ट ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था और एक खास AI प्लेयर बताया, लेकिन उसे ‘दूसरे ग्रुप’ का बताया, जिन्हें अपने AI भविष्य को बेहतर तरीके से आकार देने के लिए अमेरिका या चीन के साथ रणनीतिक रूप से तालमेल बिठाने की जरूरत होगी।

वैष्णव ने अपनी प्रतिक्रिया के दौरान इस पर विरोध जताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की AI स्ट्रेटेजी व्यापक है और पूरे टेक्नोलॉजी स्टैक को कवर करती है।

उन्होंने कहा, ‘भारत को किसी भी दूसरी ग्रुपिंग में नहीं रखा जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम एआई के सभी पांच लेयरों पर काम कर रहे हैं, और सभी पांच लेयरों में बहुत अच्छा विकास कर रहे हैं।’ इस दौरान उन्होंने AI आर्किटेक्चर के पांच मुख्य आधार- एप्लीकेशन लेयर, मॉडल लेयर, चिप लेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर लेयर और एनर्जी लेयर का जिक्र करते हुए यह बात कही।

अश्विनी वैष्णव ने एआई क्षेत्र में भारत को लेकर IMF के आकलन के आधार पर भी सवाल उठाया। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के AI इंडेक्स इवैल्यूएशन का जिक्र करते हुए वैष्णव ने कहा कि AI के इस्तेमाल और तैयारी में भारत दुनिया भर में तीसरे स्थान पर है और AI टैलेंट में दूसरे स्थान पर है।

उन्होंने कहा, ‘इसलिए मुझे नहीं लगता कि दूसरे दर्जे में रखने का आपका क्लासिफिकेशन सही है। यह असल में पहले वाले में है।’

AI एप्लीकेशन और स्केल में भारत की ताकत

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत AI के एप्लिकेशन लेयर में है, जो एआई मॉडल्स को वास्तविक दुनिया के हिसाब से समाधानों में बदलने पर केंद्रित है, और जो उत्पादकता और दक्षता को बढ़ाते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत एंटरप्राइज-लेवल की जरूरतों की गहरी समझ का इस्तेमाल करके और सभी सेक्टर में खास AI एप्लीकेशन लागू करके, AI-आधारित सेवाओं का दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर बनने के लिए अच्छी स्थिति में है।

वैष्णव ने जोर देकर कहा कि भारत का एआई को लेकर दृष्टिकोण बड़े पैमाने पर प्रसार पर केंद्रित है, ताकि इसका लाभ सभी उद्योगों तक पहुँचें और समाज के हर स्तर तक इसका असर दिखाई दे।

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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