नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की GDP ग्रोथ का अपना अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। यह पहले के अनुमान से 0.7 प्रतिशत अधिक है जो पर 6.6% था। आईएमफ ने सोमवार (19 जनवरी) को जारी अपने जनवरी 2026 वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट में कहा कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से तीसरी तिमाही में उम्मीद से ज्यादा मजबूत वृद्धि को दिखाती है। साथ ही 2026 और 2027 में ग्रोथ में कमी का भी अनुमान आईएमएफ ने जताया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारत में 2025 (FY 2025-26) के लिए ग्रोथ को 0.7 प्रतिशत बढ़ाकर 7.3% कर दिया गया है, जो साल की तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजों और चौथी तिमाही में मजबूत मोमेंटम को दिखाता है।’
गौरतलब है कि नवंबर 2025 के आखिर में जारी किए गए डेटा के अनुसार जुलाई-सितंबर में भारत की GDP ग्रोथ रेट अप्रत्याशित रूप से बढ़कर 8.2% हो गई थी, जो सभी अनुमानों से कहीं अधिक थी। इसके बाद, दिसंबर में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अपने अनुमान को बढ़ाकर 7.3% कर दिया था।
इस महीने की शुरुआत में, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ का पहला एडवांस अनुमान 7.4% बताया, जिसका मतलब है कि साल की पहली छमाही में 8% की ग्रोथ के मुकाबले दूसरी छमाही में ग्रोथ धीमी होकर 6.9% हो जाएगी।
2026 और 2027 में विकास दर में कमी का अनुमान
आईएमएफ ने हालांकि साथ ही कहा है कि आने वाले साल में भारत की विकास दर में कमी आ सकती है। आईएमएफ ने कहा है कि 2026 और 2027 में भारत की आर्थिक विकास दर कम होकर 6.4 प्रतिशत रह सकती है। इसके बावजूद आईएमएफ ने कहा है कि भारत उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास का एक प्रमुख इंजन बना रहेगा।
बहरहास, आईएमएफ का 2025-26 के लिए 7.3% ग्रोथ का अनुमान भारत सरकार के इसी साल के लिए खुद के 7.4% के अनुमान से थोड़ा ही कम है।
वहीं, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जारी रिपोर्ट में कैलेंडर वर्ष 2026 में ग्रोथ 3.3% और 2027 में 3.2% पर ‘मजबूत’ रहने का अनुमान है, जो 2025 के लिए अनुमानित 3.3% के लगभग बराबर है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि उभरते और विकासशील एशियाई देशों को तकनीक से जुड़े निवेश और व्यापार का फायदा मिल रहा है, भले ही दुनिया की आर्थिक गति हर जगह एक जैसी न हो।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, वैश्विक आर्थिक विकास दर 2026 में 3.3 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है। इसमें व्यापार तनाव कम होना, वित्तीय हालात का अनुकूल होना और खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तकनीकों से जुड़े निवेश में तेजी अहम भूमिका निभाएगी।
महंगाई को लेकर भी भारत के लिए अच्छी खबर सामने आई है। आईएमएफ का कहना है कि 2025 में महंगाई में बड़ी गिरावट के बाद भारत में महंगाई दर फिर से तय लक्ष्य के करीब आ सकती है। इसका कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों का नियंत्रण में रहना है, जिससे घरेलू मांग को सपोर्ट मिलेगा।
अमेरिका-चीन की कैसी रहेगी ग्रोथ
दुनिया के उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि अनुमान के मामले में अमेरिका सबसे आगे है। साल 2026 में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के 2.4% की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो अक्टूबर में किए गए अनुमान से 30 बेसिस प्वाइंट अधिक है। हालांकि, 2027 में वृद्धि दर घटकर 2.0% रहने की उम्मीद है, जो 10 बेसिस प्वाइंट कम होगी।
इस बीच, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन को भी 2026 के लिए 30 बेसिस प्वाइंट का अपग्रेड मिला है। इससे उसकी विकास दर का 4.5% हो गया है, जबकि 2027 का अनुमान कम करके 4% कर दिया गया है।

