नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 32 के तहत याचिका दायर करते हुए जांच एजेंसी ने पूरी घटना का ब्योरा दिया और कहा कि राज्य मशीनरी के दखल के कारण निष्पक्ष जांच करने का उसका अधिकार कम हो गया है। अपनी याचिका में जांच एजेंसी ने इस मामले में CBI जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दायर की है, जिसमें मांग की गई है कि इस केस के संबंध में उसकी बात सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए। कैविएट किसी मुकदमेबाज द्वारा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में यह सुनिश्चित करने के लिए दायर की जाती है कि उसकी बात सुने बिना उसके खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश पारित न हो।
ईडी का यह कदम कलकत्ता हाई कोर्ट से तुरंत राहत नहीं मिलने के बाद आया है, जहाँ उसने गुरुवार को पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के खिलाफ कोलकाता में छापे में कथित तौर पर रुकावट डालने के लिए सीएम ममता बनर्जी, सीनियर पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर CBI जांच की मांग की थी।
हाई कोर्ट में क्या हुआ?
कोर्टरूम में हंगामे के बाद हाई कोर्ट में कार्यवाही रोक दी गई थी। इस हंगामे के कारण जज को बेंच छोड़कर जाना पड़ा, जिससे सुनवाई रुक गई और टाल दी गई। ईडी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन के घर पर छापे के दौरान एजेंसी की कस्टडी से कई अहम दस्तावेज ले लिए थे। हालांकि, बनर्जी ने कहा है कि दस्तावेज और डेटा उनकी राजनीतिक पार्टी से जुड़े थे और उन्होंने एजेंसी पर उन्हें और तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाने का आरोप लगाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, I-PAC 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद से तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ है।
ईडी ने गुरुवार को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत पश्चिम बंगाल कोयला खनन घोटाले के आरोपी अनूप माझी से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिनमें पश्चिम बंगाल में छह और दिल्ली में चार ठिकाने शामिल हैं। इनमें I-PAC का ऑफिस और जैन का घर भी शामिल है।
I-PAC ऑफिस में छापेमारी और तृणमूल Vs भाजपा
I-PAC ऑफिस और जैन के घर पर हुई छापेमारी से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, क्योंकि ममता बनर्जी ने भाजपा पर राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी को निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि छापे के बहाने तृणमूल के अंदरूनी दस्तावेज, हार्ड डिस्क और चुनाव रणनीति से जुड़ा संवेदनशील डेटा जब्त करने की कोशिश की गई है।
प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी छापे के दौरान कोलकाता में लाउडन रोड पर जैन के घर में घुसीं और ‘अहम सबूत ले गई’ और I-PAC ऑफिस में भी उन्होंने ऐसा ही किया।
इस हंगामे के बीच शुक्रवार दोपहर को ममता बनर्जी ने कोलकाता में एक बड़ी विरोध रैली का नेतृत्व किया, जिसमें बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकार भी उनके साथ थे। उन्होंने ईडी पर भाजपा के राजनीतिक हथियार के तौर पर काम करने और अपनी पार्टी की अंदरूनी रणनीति ‘चुराने’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईडी की छापेमारी के दौरान I-PAC से जुड़े परिसर में जाने में उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया।
उन्होंने कहा, ‘मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। तुम चोरी करने क्यों आए थे? तुम मेरे ऑफिस से मेरा डेटा चुरा रहे थे। I-PAC एक अधिकृत ऑफिस है… मैंने प्रतीक जैन को फोन किया, उसने फोन नहीं उठाया। तब मुझे लगा कि वे मेरी पार्टी के डॉक्यूमेंट्स ले रहे होंगे। मेरे पास वे सभी पेन ड्राइव हैं, अगर जरूरत पड़ी तो मैं उन सभी को खोल दूंगी।’

