कोलकाताः पश्चिम बंगाल में गुरुवार (9 अप्रैल) को उस समय राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब सोशल मीडिया पर हुमायूं कबीर का एक कथित वीडियो सामने आया। इस वीडियो में वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संबंध होने और आगामी विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने के प्रयासों का दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
गौरतलब है कि कबीर ने पिछले साल के अंत में टीएमसी द्वारा निलंबित किए जाने के कुछ दिनों बाद आम जनता उन्नयन पार्टी की स्थापना की थी। उनके बारे में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने दावा किया था कि उनका पीएमओ से संपर्क हुआ था। इसके अलावा उन्हें अन्य भाजपा शासित राज्यों के नेताओं के साथ समन्वय करने की सलाह दी गई थी।
हुमायूं कबीर ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, कबीर को कथित तौर पर एक अज्ञात व्यक्ति से बात करते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अल्पसंख्यक वोटों को अपनी ओर मोड़ने की रणनीति बता रहे हैं और मुस्लिम समुदाय से समर्थन का दावा कर रहे हैं।
वीडियो में कबीर को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मुसलमानों को बेवकूफ बनाना आसान है। वे बहुत सीधे-सादे और भोले-भाले हैं। मैंने बाबरी मस्जिद के मुद्दे के जरिए उनकी भावनाओं को भांप लिया है। आज देश का हर मुसलमान मेरे साथ है। अगर आप मेरे बारे में कुछ भी बुरा कहेंगे तो वे आप पर हमला कर देंगे। आजमा कर देख लीजिए।”
कबीर ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ उनके घनिष्ठ संबंध हैं। यह चुनावों में बनर्जी को हराने की एक करोड़ों रुपये की योजना का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि ” सुवेंदु अधिकारी ने मुझसे कहा था कि वे मुझे दिल्ली ले जाएंगे और बंगाल चुनाव का नेतृत्व जो भी करेगा, हम उनसे मिलेंगे। मोहन यादव (मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री) ने मुझसे कहा था कि उनका प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधा संपर्क है और उन्होंने मेरे बारे में बात की थी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को भी इस सब की जानकारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने उन्हें मुझसे लगातार संपर्क में रहने के लिए कहा था। इसीलिए मुझे दिल्ली और मध्य प्रदेश में उनसे मिलने जाना पड़ा “
पूर्व टीएमसी विधायक कथित तौर पर इस योजना को सभी निर्वाचन क्षेत्रों में लागू करने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये के पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता का जिक्र करते हुए भी सुने गए। उन्होंने दूसरे व्यक्ति से कहा, “मुझे जल्द से जल्द 200 करोड़ रुपये दिलवा दीजिए। उसके बाद अगर दिल्ली से किसी को भी मेरे आश्वासन और भरोसे की जरूरत होगी, तो हम वह भी कर देंगे।”
टीएमसी ने की जांच की मांग
इस मसले पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कथित वीडियो साझा किया और कबीर के कथित दावों की प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग की। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी के वरिष्ठ नेता और मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि कबीर अल्पसंख्यक मतदाताओं को गुमराह करने के लिए भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें – कर्नाटक हाई कोर्ट ने वंदे मातरम् के सभी छह छंद गाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका की खारिज
कबीर से मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को हल्के में न लेने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यह वीडियो राज्य में चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के उद्देश्य से रची गई एक गहरी साजिश का पर्दाफाश करता है।

